
'PM मोदी पीछे नहीं हटेंगे... जंग छिड़ी तो मैं इंग्लैंड भाग जाऊंगा', पाकिस्तानी सांसद का बयान वायरल
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शेर अफजल खान मारवात एक वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनेता हैं जो जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से जुड़े थे. हालांकि, अतीत में उन्होंने कई मौकों पर पार्टी और उसके नेताओं की आलोचना की थी, जिसके चलते इमरान खान ने उन्हें पार्टी के प्रमुख पदों से हटा दिया था.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए बर्बर आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी. भारत ने सिंधु जल संधि निलंबित करने के बाद पाकिस्तान से होने वाले आयात पर रोक लगा दी है. साथ पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों के भारतीय बंदरगाह पर आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. पहलगाम हमले पर भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई और दोनों पड़ोसी देशों के बीच युद्ध की संभावना के बारे में अटकलों के बढ़ने के बीच, पाकिस्तानी राजनीतिज्ञ शेर अफजल खान मारवात से पूछा गया कि वह इस मामले में क्या करेंगे.
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य मारवात से एक पत्रकार ने पूछा कि यदि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया तो क्या वह लड़ेंगे, जिसके जवाब में उन्होंने बस इतना कहा, 'यदि युद्ध छिड़ता है तो मैं इंग्लैंड चला जाऊंगा.' उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. नेटिजेंस कह रहे हैं कि पाकिस्तानी राजनेता भी अपनी सेना पर भरोसा नहीं करते. इसी वीडियो में एक पत्रकार ने शेर अफजल खान मारवात से पूछा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए कहां संयम बरतना चाहिए? इसके जवाब में मारवत ने कहा, 'मोदी मेरे खाला के बेटे हैं जो मेरे कहने से पीछे हट जाएंगे?'
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Journalist : Agar india ne attack kar diya to? Shet Afzal Khan Marwat : To hum London bhag jayenge Afzal Khan is a senior terrorist in Pakistan. Even they don’t trust their army. 😂 pic.twitter.com/LBmFQ1ysSr
शेर अफजल खान मारवात एक वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनेता हैं जो जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से जुड़े थे. हालांकि, अतीत में उन्होंने कई मौकों पर पार्टी और उसके नेताओं की आलोचना की थी, जिसके चलते इमरान खान ने उन्हें पार्टी के प्रमुख पदों से हटा दिया था. इस बीच, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है. पाकिस्तानी सेना ने शनिवार रात को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुल्ला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर के आसपास के इलाकों में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की और लगातार 10वीं रात संघर्ष विराम का उल्लंघन किया. भारतीय सेना ने दोगुनी ताकत से इसका जवाब दिया.
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वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.







