
ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल का लाइसेंस देने में गजब का स्वार्थ दिखाया है... खाली हो जाएंगे रूस, चीन के टैंकर
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पहले सत्ता पर कब्जा, अब तेल का बिजनेस. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल का दोहन शुरू कर दिया है. अमेरिकी सरकार ने वेनेजुएला में तेल से जुड़े तमाम कामों का लाइसेंस अमेरिकी कंपनियों को दिया है. अब वेनेजुएला का तेल, रूस, चीन और भारत जैसे देशों के लिए पूरी तरह बंद हो जाएगा.
वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल का खेल शुरू कर दिया है. अमेरिकी ट्रेजरी ने अभी एक जनरल लाइसेंस जारी किया है, जिसके तहत सिर्फ़ अमेरिकी कंपनियां ही वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA से तेल और तेल प्रोडक्ट खरीद सकती हैं. अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट द्वारा गुरुवार को जारी किया गया यह लाइसेंस कई तरह की गतिविधियों को कवर करता है जो वेनेजुएला के कच्चे तेल की खरीद बिक्री को तेज कर सकती हैं. इसमें इस तेल का एक्सपोर्ट, बिक्री, स्टोरेज और रिफाइनिंग शामिल है, बशर्ते ये काम कोई अमेरिकी कंपनी करे.
अमेरिकी राष्ट्रपति लंबे समय से कहते रहे हैं कि अमेरिका को वेनेजुएला का तेल चाहिए. उनकी ये पॉलिसी उन्हीं बयानों के अनुरूप है. इस लाइसेंस के जारी होने के साथ ही ट्रंप का मकसद पूरा हो गया है. अब अमेरिका वेनेजुएला के तेल को पूरी तरह से कंट्रोल करेगा और इस तेल पर उन्हीं अमेरिकी कंपनियों को बिजनेस करने का हक होगा जो ट्रंप की पॉलिसी के तहत काम करते हैं.
यह सामान्य लाइसेंस वेनेजुएला के तेल से संबंधित लेनदेन को अनुमति देता है, जिसमें शामिल हैं:
तेल का उठाना , निर्यात, पुन: निर्यात, बिक्री, पुन: बिक्री , आपूर्ति, भंडारण , मार्केटिंग, खरीद , डिलीवरी या परिवहन, और ऐसे तेल की रिफाइनिंग,
ये सभी गतिविधियां केवल स्थापित अमेरिकी संस्थाओं द्वारा की जा सकती हैं, यानी वे कंपनियां जो 29 जनवरी 2025 से पहले अमेरिकी कानूनों के तहत संगठित हैं. ये लाइसेंस वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA (Petróleos de Venezuela, S.A.) और वेनेजुएला सरकार से जुड़े प्रतिबंधित लेनदेन को कवर करता है.
रूस, चीन और भारत पर असर

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