
ट्रंप की धमकी से खौफ में आ गए खामेनेई! न्यूक्लियर प्लांट पर हलचल बढ़ी, लॉक किए गए एंट्री गेट्स
AajTak
ईरान ने अपने परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स के एंट्री गेट्स मिट्टी से भर दिए हैं और कंक्रीट से मजबूत किया है. सैटेलाइट तस्वीरों में इस्फहान संयंत्र में नई गतिविधियां देखी गई हैं, जो अमेरिकी हमले से बचाव के लिए की जा रही हैं.
ईरान पर अमेरिका के हमले के खतरे के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. ईरान के परमाणु ठिकानों पर पिछले 24 घंटों में हलचल बढ़ गई है. सैटेलाइट तस्वीरों में ईरानी शहर इस्फहान स्थित परमाणु फैसिलिटी पर नई गतिविधियां देखी गई हैं. यह वही संयंत्र है जिसपर पिछले साल अमेरिका ने बमबारी की थी जिसमें इसे भारी नुकसान हुआ था.
इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के मुताबिक, ईरान ने एक बार फिर अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स के सेंट्रल एंट्री गेट को मिट्टी से भर दिया है. कॉम्प्लेक्स के दक्षिणी एंट्री गेट पर भी ताजी मिट्टी की एक परत डाली जा रही है.
माना जा रहा है कि ईरान ऐसा अमेरिकी हमले से बचाव के लिए कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस कदम का मकसद लगभग 408 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम वाले स्टोरेज संयंत्रों को संभावित अमेरिकी हमले से अतिरिक्त सुरक्षा देना है.
इससे पहले भी खोले गए थे एंट्री गेट्स
इससे पहले इंजीनियरिंग कामों के लिए इस्फहान के इन एंट्री गेट्स को अस्थायी रूप से खोला गया था. इस दौरान सुरंगों को अल्ट्रा-हाई स्ट्रेंथ वाली कंक्रीट से मजबूत किया गया.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








