
'PM मोदी ने कहा था इस्लामिक देश...', 8 भारतीयों को मिली सजा-ए-मौत पर बिफरा विपक्ष, सरकार से की ये अपील
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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि हम इस मामले को पहले से उठा रहे हैं, विदेश मंत्री जयशंकर ने 26 दिसंबर को मुझे जवाब दिया कि भारत सरकार उनकी मदद के लिए हर संभव कदम उठा रही है, लेकिन हकीकत ये है कि भारत सरकार ने इसे गंभीरता से लिया ही नहीं और इसका नतीजा ये हुआ कि हमारे 8 अधिकारियों को आज मौत की सजा सुनाई गई है.
कतर की अदालत ने भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसरों को मौत की सजा सुनाई है. इस मामले में भारत में राजनीति शुरू हो गई है. एक ओर जहां भारत की सरकार की ओऱ से कहा गया है कि कतर में फंसे भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी विकल्पों की तलाश की जा रही है. वहीं विपक्ष सरका पर बिफर गया है. AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने जहां पीएम मोदी पर निशाना साधा. वहीं, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि जब दो देशों के बीच संबंध होते हैं तो कूटनीतिक रास्ते भी बनाए जा सकते हैं.
ओवैसी ने कहा कि कतर में फंसे हमारे पूर्व नौसेना अधिकारियों का मुद्दा मैंने अगस्त में उठाया था, लेकिन अब उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी शेखी बघारी है कि इस्लामिक देश उनसे कितना प्यार करते हैं. अब सरकार को हमारे पूर्व नौसेना अधिकारियों को वापस लाना होगा. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है.
थरूर बोले- कतर के आगे मजबूती से मुद्दा उठाए भारत
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने कहा कि कतर के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं. अगस्त 2022 को हमारे आठ पूर्व अफसरों की गिरफ्तारी के बाद से यह पूरा मामला रहस्य बना हुआ है. हम यह स्वीकार नहीं कर सकते कि भारतीय नागरिकों को सिर्फ इस वजह से मौत की सजा दी जा सकती है कि हम इस बात से अनभिज्ञ हैं. कतर की कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है, वो बेहद चौंकाने वाला और अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि भारत सरकार इस मामले को कतर के सर्वोच्च अधिकारियों के सामने बहुत मजबूती से रखेगी, ताकि परिणामस्वरूप हमें कुछ संतोषजनक परिणाम मिल सकें. हमें उम्मीद है कि कतर सरकार इसमें शामिल होगी, भारत के साथ अच्छे संबंध इस फैसले को बदलने में काम आएंगे.
'सरकार ने दिसंबर में दिया था ये जवाब'
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि हम इस मामले को पहले से उठा रहे हैं, विदेश मंत्री जयशंकर ने 26 दिसंबर को मुझे जवाब दिया कि भारत सरकार उनकी मदद के लिए हर संभव कदम उठा रही है, लेकिन हकीकत ये है कि भारत सरकार ने इसे गंभीरता से लिया ही नहीं और इसका नतीजा ये हुआ कि हमारे 8 अधिकारियों को आज मौत की सजा सुनाई गई है. उन पर क्या आरोप हैं, हमें ये तक नहीं पता. यह बिल्कुल आश्चर्यजनक और चौंकाने वाली बात है कि इस सरकार इस मुद्दे से कैसे निपटी है. पीएम मोदी को इस मुद्दे को कतर सरकार के साथ उठाना चाहिए.कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने कहा कि हम प्रार्थना करते हैं कि नौसेना के पूर्व अधिकारी सुरक्षित वापस आएं, यह बातचीत के जरिए ही किया जा सकता है.

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