
Narendra Hirwani: इस भारतीय ने डेब्यू टेस्ट में की ऐसी गेंदबाजी... 36 साल बाद भी कायम है ये महारिकॉर्ड
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यदि कोई क्रिकेटर अपने डेब्यू टेस्ट मैच में शतक जड़ता है या गेंद से धांसू प्रदर्शन करता है तो वो फैन्स के दिलों में जगह बना लेता है. टीम इंडिया के पूर्व लेग-स्पिनर नरेंद्र हिरवानी ने भी टेस्ट डेब्यू पर गदर काटा था. हिरवानी ने भारत के लिए 17 टेस्ट और 18 वनडे मुकाबले खेले.
इस समय इंटरनेशनल क्रिकेट में टेस्ट मैचों का रोमांच चरम पर है. एक तरफ भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में व्यस्त है. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान टीम भी अपने घर पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड की मेजबानी कर रही है. टेस्ट क्रिकेट का अपना एक अलग महत्व होता है और इसमें भाग लेना हर क्रिकेटर का सपना होता है. यदि कोई क्रिकेटर अपने डेब्यू टेस्ट मैच में शतक जड़ता है या गेंद से धांसू प्रदर्शन करता है तो वो फैन्स के दिलों में जगह बना लेता है.
...जब इस भारतीय ने डेब्यू मैच में काटा गदर
टीम इंडिया के पूर्व लेग-स्पिनर नरेंद्र हिरवानी का टेस्ट डेब्यू कौन भूल सकता है, जो आज (18 अक्टूबर) अपना 56वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. हिरवानी ने जनवरी 1988 में चेन्नई में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू पर तबाही मचा दी थी. तब हिरवानी ने पहली पारी में 61 रन देकर आठ विकेट चटकाए थे. फिर उन्होंने दूसरी पारी में 75 रन देकर आठ विकेट झटके.
यानी नरेंद्र हिरवानी ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में 136 रन देकर 16 विकेट चटकाए. डेब्यू टेस्ट मैच में यह किसी गेंदबाज की सबसे बेस्ट गेंदबाजी रही. उनका ये रिकॉर्ड आज भी कायम है. हिरवानी ने जब ये उपलब्धि हासिल की थी, तब उनकी उम्र महज 19 साल और 85 दिन थी. हिरवानी के धांसू प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम ने उस मुकाबले में 255 रनों से जीत हासिल की थी. उस मुकाबले में भारतीय टीम के कप्तान रवि शास्त्री थे.
देखा जाए तो डेब्यू टेस्ट मैच में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी के मामले में हिरवानी के बाद दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के बॉब मैसी हैं. मैसी ने साल 1972 में लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रन देकर 16 विकेट चटकाए थे. वहीं इंग्लैंड के फ्रेंडरिक मार्टिन लिस्ट में तीसरे नंबर पर विराजमान हैं. मार्टिन ने 1890 में आयोजित ओवल टेस्ट में कंगारू टीम के खिलाफ 102 रन देकर 12 विकेट हासिल किए थे.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












