
MCD: स्थाई समिति के चुनाव का क्या 'तीसरा टेस्ट' होगा? HC में कसौटी पर कसी जाएगी प्रक्रिया
AajTak
दिल्ली में MCD में स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव को दोबारा कराने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है. सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने स्टैंडिंग कमेटी के नए सिरे से चुनाव पर रोक लगा दी है. बीजेपी के पार्षदों ने इसे लेकर याचिका दायर की थी. इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने एलजी, मेयर, एमसीडी को नोटिस भी जारी किया.
दिल्ली नगर निगम में स्टैंडिंग कमेटी (स्थाई समिति) के चुनाव को लेकर घमासान मचा है. फिलहाल, मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है. शनिवार को HC ने मेयर के निर्णय को पेंडिंग में रख दिया है. ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि स्थाई समिति के लिए क्या तीसरा परीक्षण होगा? यानी क्या कोर्ट अपने स्तर पर परीक्षण करेगा. माना जा रहा है कि तीसरी कसौटी पर अब चुनाव और इसकी प्रक्रिया कसा जाएगा.
दरअसल, पहला परीक्षण तो राज्य निर्वाचन आयोग की तकनीकी टीम ने किया. कायदे से स्थाई समिति का चुनाव अन्य चुनाव से हटकर और राष्ट्रपति चुनाव से सटकर होता है. यानी दोनों में समानुपातिक पद्धति से वोट डाले जाते हैं. जितने सदस्य चुने जाने हैं उतने लोगों को प्राथमिकता के आधार पर वोट देने होते हैं.
वोटिंग में क्यों फंसा पेंच?
वोट के दौरान पेन, स्याही, वोट के लिए प्राथमिकता के नंबर लिखने का तरीका आदि सब तय रहता है. ये बखेड़ा भी बीजेपी पार्षद के बैलेट पेपर पर अपनी प्राथमिकता लिखने के अलग ढंग की वजह से हुआ. हालांकि, दिल्ली के राज्य निर्वाचन आयोग की तकनीकी टीम ने उस वोट को वैध मानते हुए अपनी राय और नतीजा सुना दिया. लेकिन मेयर ने दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग की टीम की राय और निर्णय मानने से इंकार करते हुए फिर से मतदान कराने का आदेश दिया.
हाई कोर्ट ने तलब किए बैलेट पेपर
अब मामला दिल्ली हाईकोर्ट में है. हाईकोर्ट ने मेयर का निर्णय लंबित रखते हुए सुनवाई भी पेंडिंग रख छोड़ी है. यानी मतदान पर तीसरा परीक्षण खुद न्यायालय करेगा. तभी तो कोर्ट ने मेयर और निगम को नोटिस जारी करते हुए सभी बैलेट पेपर, मतदान और गिनती के साथ हंगामे के सीसीटीवी फुटेज संभाल कर रखने के आदेश दे दिए हैं.

ग्रेटर नोएडा में कोहरे के कारण पानी से भरे बेसमेंट में गिरी कार हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मौके पर मौजूद डिलिवरी ब्वॉय ने रस्सी बांधकर पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की. लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका. नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत के बाद डिलिवरी ब्वॉय को क्यों धमका रही पुलिस?

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.









