
Janmshtami 2024: क्यों चढ़ाया जाता है जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को छप्पन भोग? जानें इसके पीछे की कथा
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Janmshtami 2024: जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण के बालरूप की पूजा की जाती है. इस दिन उन्हें प्रसाद के रूप में छप्पन भोग अर्पित करते हैं. तो आइए जानते हैं कि जन्माष्टमी के दिन छप्पन भोग क्यों इतना विशेष माना जाता है, और क्या होता है छप्पन भोग और भगवान कृष्ण को क्यों छप्पन भोग अर्पित किया जाता है, जानते हैं इसके पीछे की कथा.
Janmashtami 2024: पूरे भारत में जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. जन्माष्टमी का पर्व भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का आठवां अवतार माना जाता है. आज कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है. जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण के बालरूप के पूजा की जाती है.
इस दिन लोग उपवास रखते हैं, साथ ही भगवान कृष्ण की प्रार्थना करते हैं और उन्हें प्रसाद के रूप में छप्पन भोग अर्पित करते हैं. तो आइए जानते हैं कि जन्माष्टमी के दिन छप्पन भोग क्यों इतना विशेष माना जाता है, और क्या होता है छप्पन भोग और भगवान कृष्ण को क्यों छप्पन भोग अर्पित किया जाता है, जानते हैं इसके पीछे की कथा.
क्या होता है छप्पन भोग?
छप्पन भोग जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भगवान कृष्ण को परोसी जाने वाली सात्विक खाने की एक पवित्र थाली होती है. छप्पन भोग का पांच तरीके का स्वाद होता है जिसमें मीठा, खट्टा, मसालेदार, नमकीन और कड़वा होता है. छप्पन भोग भगवान कृष्ण को बेहद प्रिय होता है.
आखिर क्यों भगवान कृष्ण को छप्पन भोग चढ़ाया जाता है?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रज के लोग देवराज इंद्र को प्रसन्न करने के लिए महोत्सव रखते थे. तो एक बार बाल गोपाल कृष्ण ने अपने पिता नंद बाबा से सवाल पूछा कि लोग आखिर ये महोत्सव क्यों करते हैं? नंद बाबा ने बताया कि यह पूजा इंद्र को प्रसन्न करने के लिए की जाती है ताकि वो हर साल भरपूर वर्षा करें. हालांकि, श्रीकृष्ण ने फिर भी ये सवाल किया कि ''वर्षा के लिए इंद्र की ही क्यों पूजा करें? इसके बजाय लोगों को गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए, जो जानवरों के लिए फल, सब्जियां और चारा प्रदान करते हैं.''

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