
Janmashtami 2021: धरती पर आज भी है कृष्ण का दिल? हैरान कर देगा हजारों साल पुराना ये रहस्य
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श्रीमद् भागवत गीता के अनुसार, बेटे ध्रुयोधन की मृत्यु से दुखी गांधारी ने ही कृष्ण को मृत्यु का श्राप दिया था. लेकिन क्या आप जानते हैं हजारों साल पहले मर चुके कृष्ण का दिल आज भी धरती पर धड़क रहा है.
महाभारत को न सिर्फ कौरवों के अंत के लिए जाना जाता है, बल्कि यहीं से श्रीकृष्ण के अंत की शुरुआत हुई. श्रीमद् भगवद गीता के अनुसार, बेटे दुर्योधन की मृत्यु से दुखी गांधारी ने ही कृष्ण को मृत्यु का श्राप दिया था. लेकिन ऐसी मान्यता है कि हजारों साल पहले मर चुके कृष्ण का दिल आज भी धरती पर धड़क रहा है. महाभारत के युद्ध के 36 साल बाद श्रीकृष्ण एक पेड़ के नीचे योग समाधि ले रहे थे. इसी दौरान जरा नाम का शिकारी एक हिरण का पीछा करते हुए वहां पहुंच गया. जरा ने कृष्ण के हिलते पैरों को हिरण समझ लिया और तीर चला दिया. इसके बाद शिकारी श्रीकृष्ण के पास पहुंचा और अपनी गलती के लिए उनसे क्षमा मांगने लगा. तब श्रीकृष्ण ने उसे सांत्वना दी और बताया कि कैसे उनकी मृत्यु निश्चित थी. तब श्रीकृष्ण कहते हैं, 'त्रेता युग में लोग मुझे राम के नाम से जानते थे. राम ने सुग्रीव के बड़े भाई बाली का छिपकर वध किया था. अपने पिछले जन्म की सजा उन्हें इस जन्म में मिली है. दरअसल जरा ही पिछले जन्म में बाली था.' यह कहकर श्रीकृष्ण ने अपना शरीर त्याग दिया. श्रीकृष्ण की मृत्यु को ही कलियुग की शुरुआत माना जाता है.
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