
Israel-Hamas war: युद्धविराम के बाद ऐसे हुई 25 बंधकों की रिहाई, इजरायली सेना ने बनाया था ये प्रोटोकॉल
AajTak
Israel-Hamas War: कुल मिलाकर 240 बंधक हमास के कब्जे में थे. उनमें से 40 बच्चे हैं. अब तक 4 बंधकों की रिहाई हो चुकी है. वहीं कब्जे में अब तक 236 बंधक हैं. इनमें से 13 बंधकों को अब रिहा किया गया है.
Israel-Hamas war: हमास ने 25 बंधकों को रिहा कर दिया है. जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. बंधकों को पहले हमास रेड क्रॉस को सौंपा गया. फिर रेड क्रॉस ने उन्हें राफा सीमा पार पर इजरायली सेना को सौंप दिया. आरंभिक जांच के बाद बंधकों को छह इज़राइली अस्पतालों में ले जाया जाएगा. इसकी जानकारी उनके परिजनों के दी जाएगी ताकि वे अपने परिजनों से उन अस्पतालों में जाकर मिल सकें. फिलहाल, बंधकों और उनके परिवारों से मीडिया को दूर रखा जाएगा. इस प्रक्रिया के लिए इजरायली सेना ने पहले से प्रोटोकॉल तय किया था.
25 बंधकों की रिहाई
कुल मिलाकर 240 बंधक हमास के कब्जे में थे. उनमें से 40 बच्चे हैं. इनमें से 4 बंधकों की रिहाई पहले हो चुकी है. वहीं कब्जे में अब तक 236 बंधक थे. जिनमें से 25 बंधकों को अब रिहा किया गया है. आपको बता दें कि 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला करके उसे दहला दिया था. इजरायल इस हमले से भीतर तक टूट गया था. दुनिया भी इस हमले को देखकर सन्न रह गई थी.
ऐसे बंधक बनाए गए थे लोग
पैराशूट और ग्लाइडर्स की मदद से हमास के लड़ाके गाजा से उड़कर इजरायल की सरहद में उतरे थे और फिर ऐसा तांडव मचाया था कि इंसानियत शर्मसार हो गई थी. हमास के लड़ाके कई महिलाओं और बच्चों समेत कई लोगों को अगवा करके अपने साथ ले गए थे. ये हमला ठीक उस वक्त किया गया था, जब इजरायल के लोग अपना सालाना जश्न मना रहे थे. बाइक से लेकर गोल्फ कार्ट पर बैठाकर लोगों को ले जाया गया था. कई बंधकों के हाथ पीछे की तरफ बांधे गए थे. कई लोग लहूलुहान नजर आ रहे थे.
युद्ध विराम के बाद जारी रहेगी जंग

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.







