
India vs Zimababwe T20 Series: भारत-जिम्बाब्वे मैच... मुकाबला शेर और बकरी का! फ्लावर बंधु- हीथ स्ट्रीक के देश की क्रिकेट में दुर्दशा
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जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है. भारतीय टीम को सीरीज के पहले मैच में अप्रत्याशित रूप से हार का सामना करना पड़ा था. मगर उसके बाद शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया ने जबरदस्त वापसी की.
टीम इंडिया ने हाल ही में आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीता था. वर्ल्ड चैम्पियन बनने के बाद भारतीय टीम की पहली सीरीज जिम्बाब्वे के खिलाफ है. जिम्बाब्वे के खिलाफ पांच मैचों की मौजूदा टी20 सीरीज में भारतीय टीम ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है. भारतीय टीम को सीरीज के पहले मैच में अप्रत्याशित रूप से हार का सामना करना पड़ा था. मगर उसके बाद शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया ने जबरदस्त वापसी की है और टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त ले ली है.
भारत को रोकना अब जिम्बाब्वे के बस की बात नहीं!
पहले भारत ने दूसरे टी20 मैच में 100 रनों से जीत हासिल की. फिर तीसरे टी20 में उसने मेजबान टीम को 23 रनों से हरा दिया. भारतीय खिलाड़ी जिस तरह की फॉर्म में हैं, उसके चलते बाकी के दो मैच भी जिम्बाब्वे के लिए काफी मुश्किल साबित होने वाले हैं. जिम्बाब्वे के गेंदबाज रन रोकने में नाकाम हो रहे हैं, फिर जब बल्लेबाजी की बात आती है तो उसका टॉप ऑर्डर बिखर रहा है. पहले टी20 मैच में हार के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने स्वीकार किया था कि उनकी टीम उस मैच के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थी.
गिल ने कहा था, 'हमने बहुत अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन फील्डिंग में हम खुद को निराश कर गए हम मानक के अनुसार नहीं थे और सभी खिलाड़ी थोड़े सुस्त लग रहे थे. मुझे लगा कि विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छा था, लेकिन हमारी बैटिंग खराब रही. हमने अच्छी शुरुआत की... लेकिन मिडिल ओवरों में विकेट गंवाए, जिससे हम उबर नहीं सके.' अब गिल के उस स्टेटमेंट के बाद भारतीय टीम ने लय पकड़ ली है. अब पिछले दो मैचों को देखकर ऐसा लगा कि शेर का सामना मेमना/बकरी से हो रहा हो. मेजबान टीम के कप्तान सिकंदर रजा को छोड़ दें तो बाकी के खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर पाए हैं.
कभी मजूबत हुआ करती थी जिम्बाब्वे टीम
देखा जाए तो जिम्बाब्वे क्रिकेट कभी अच्छी स्थिति में था. लेकिन फ्लावर बंधु एंडी और ग्रांट, मरे गुडविन, पॉल स्ट्रैंग, और हीथ स्ट्रीक जैसे खिलाड़ियों के जाने के बाद जिम्बाब्वे क्रिकेट की हालत में काफी गिरावट आ गई. इसके साथ ही कम वेतन के चलते भी कई मौकों पर जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों ने खेलने से बायकॉट किया. बाद में जिम्बाब्वे की सरकार ने भी वहां के क्रिकेट बोर्ड में दखलंदाजी शुरू कर दी थी, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने जुलाई 2019 में जिम्बाब्वे को इंटरनेशनल क्रिकेट से छह महीने के लिए निलंबित कर दिया था.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












