
IND vs NZ: राजकोट में चेज करना है मुसीबत, कैप्टन गिल करेंगे ये दुआ... मैदान से जुड़ा है अजीबोगरीब रिकॉर्ड!
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राजकोट के जिस निरंजन शाह स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे मुकाबला होना है, वहां टॉस फैक्टर अहम रहेगा. क्योंकि यहां जो भी टीम यहां चेज करती है, उसके साथ एक अलग तरह का संयोग है. वहीं एक दिलचस्प रिकॉर्ड भी जुड़ा हुआ है.
राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे बुधवार (14 जनवरी) को है. इस मैदान के साथ एक अलग तरह का संयोग है. वहीं मैदान में टॉस फैक्टर भी अहम रहेगा, क्योंकि इसके साथ अहम वजह है. भारत का रिकॉर्ड शानदार नहीं रहा है.
नए राजकोट स्टेडियम अभी तक सिर्फ चार वनडे मैचों की मेजबानी कर चुका है. खास बात यह है कि यहां अब तक किसी टीम ने रनचेज करके जीत नहीं पाई है. वहीं इस मैदान के इस साथ एक और संयोग है. जो भी 4 मुकाबले हुए हैं, उनमें 3 बार ऐसा हुआ है कि पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 300 प्लस का स्कोर खड़ा किया है.
यानी एक बात तो साफ है कि यहां की पिच पहले बल्लेबाजों के लिए मददगार रही है. इस मैदान पर पहला कोई मुकाबला 11 जनवरी 2013 को खेला गया था, जहां इंग्लैंड ने 325/4 का स्कोर बनाया था, जवाब में भारतीय टीम ने 316/9 का स्कोर बनाया था.
वैसे सीरीज का पहला मुकाबला वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में हुआ था, जहां इस पहले मैच में टीम इंडिया ने 4 विकेट से जीता था. सीरीज का तीसरा वनडे मुकाबला इंदौर में होना है.
राजकोट में हुए 4 मुकाबलों का रिकॉर्ड
भारत vs न्यूजीलैंड H2H कुल ODI मैच: 121 भारत ने जीते: 63 न्यूजीलैंड ने जीते: 50 बेनतीजा: 7 टाई: 1

T20 वर्ल्ड कप शुरू होने में तीन सप्ताह बचे हैं, लेकिन बांग्लादेश अपने मैच कहां खेलेगा, यह बड़ा विवाद बन गया है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) सुरक्षा और राजनीतिक कारणों का हवाला देकर अपने सभी मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में कराने की मांग कर रहा है, जबकि ICC आख़िरी समय में वेन्यू बदलने के पक्ष में नहीं है.

न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में अर्शदीप सिंह, मोहम्मद शमी और अक्षर पटेल को बाहर रखे जाने पर पूर्व क्रिकेटर प्रियांक पांचाल ने कड़ा सवाल उठाया है. हालिया प्रदर्शन और घरेलू फॉर्म के बावजूद इन खिलाड़ियों को नजरअंदाज किए जाने से टीम चयन पर बहस तेज हो गई है, जबकि मैच के दौरान भारतीय गेंदबाजी भी शुरुआती दबाव में नजर आई.

विराट कोहली की 93 रन की शानदार पारी के बावजूद भारत को रनचेज़ में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन हर्षित राणा की साहसी बल्लेबाज़ी और केएल राहुल की सूझबूझ ने टीम को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ चार विकेट से जीत दिलाई. गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने वाले हर्षित राणा ने आलोचकों को जवाब दिया और भारत ने 2026 की विजयी शुरुआत की.










