
Hedy Lamarr: जिस अभिनेत्री पर फिल्माया गया फर्स्ट ऑर्गज्म सीन, उसी ने खोजी Wi-Fi की तकनीक, साइंस एंड सेंसुअलिटी की गजब कहानी!
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Hedy Lamarr: लाइफ ने उसे लग्जरी दी थी और नेचर ने गजब की खूबसूरती! इस अभिनेत्री के नाम सिल्वर स्क्रीन पर पहली बार ऑर्गज्म (Orgasm) को फिल्माने का रिकॉर्ड है. उसका पति हथियारों का सौदागर था, उसके ग्राहकों की लिस्ट में थे हिटलर और मुसोलनी. लेकिन अभिनेत्री हेडी लैमर के दिल और दिमाग में तो एक साइंटिस्ट बसता था. हॉलीवुड की चकाचौंध से दूर हेडी जब एक्सपेरिमेंट टेबल पर बैठी तो दुनिया को मिले कई वैज्ञानिक चमत्कार जैसे- Wi-Fi, जीपीएस और ब्लूटूथ.
साइंस एंड सेंसुअलिटी, मतलब विज्ञान और कामुकता. ये खासियतें एक किरदार के दो पहलू हैं. एक शख्सियत के दो एक्सट्रीम. एक अभिनेत्री इतनी सुंदर हो कि उसकी ब्यूटी टॉक्सिक लगने लगे, वही अगले ही पल फ्रीक्वेंसी, सिग्नल और वायरलेस टेक्नोलॉजी की थ्योरी समझाने लगे तो हैरत तो होगी न. लेकिन अपने समय में दुनिया की सुन्दरतम स्त्रियों में शुमार हेडी लैमर का यही परिचय मुनासिब होगा. वो हेडी लैमर जिनकी होठों की हल्की सी जुम्बिश लोगों को कई 'पाप' सोचने पर मजबूर कर देती.
इस अभिनेत्री के खाते में इंट्रो लिखने के लिए कुछ ऐसे वर्णन हैं जिसको लेकर लगभग 100 साल पीछे की दुनिया निश्चित रूप से सहज नहीं थी. हेडी लैमर सिल्वर स्क्रीन पर एक स्त्री के चरमोत्कर्ष (फीमेल ऑर्गज्म) को फिल्माने वाली दुनिया की पहली एक्ट्रेस थी. वो भी मात्र 18 साल की उम्र में. साल 1933 में एक फिल्म आई थी, नाम था-Ecstasy.
सुर्खियां बटोरने वाला वो दृश्य इसी फिल्म का था. वेस्टर्न प्रेस ने इस फिल्म का रिव्यू करते हुए जो विशेषण लिखे वो इस तरह थे- "अशोभनीय और नैतिक रूप से खतरनाक”, "अनुपयुक्त, अनैतिक और कामुक." एक शतक वर्ष पहले अमेरिका वैसा नहीं था जैसा आज है. फिल्म ने रुढ़वादियों को सुलगा दिया, मूवी सेंसर की गई और फिर बैन. जर्मन तानाशाह हिटलर और वेटिकन के पोप ने एक साथ इस फिल्म पर वीटो लगा दिया.
हॉलीवुड की नशीली मादकता और साइंस के समीकरण
ये तो हुई फिल्म की बात. लेकिन 'दुनिया की सबसे सुंदर महिला' का खिताब पाने वाली हेडी लैमर की एक दुनिया हॉलीवुड की नशीली मादकता से दूर साइंस के समीकरणों, एक्सपेरिमेंट और नेचर के सीक्रेट में बसती थी. जब कैमरा रोलिंग बंद कर देता तो इनोवेशन और इन्वेंशन की ललक इस अभिनेत्री की भूख को खुराक देता. शूटिंग के बाद शाम का वक्त वो इन्हीं उलझनों को सुलझाने में गुजारती.
जरा ठहरिए. इस बीच अगर आप ये आर्टिकल वाई-फाई के जरिये अपने मोबाइल पर पढ़ रहे हैं तो इसके लिए आप भी हेडी लैमर को थैंक्यू कह सकते हैं. जी हां, क्योंकि उस तकनीक की खोज हेडी लैमर ने ही की थी जिसके आधार पर वाई-फाई, ब्लूटूथ, जीपीएस और मोबाइल फोन जैसी वैज्ञानिक क्रांतियां वजूद में आईं. और 21वीं सदी का ताना-बाना ही बदल गया. अमेरिका में इस आविष्कार का पेटेंट हेडी के नाम है, नंबर है- 22,92,387.

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