
Harbhajan Singh retires: भारत के लिए पहली टेस्ट हैट्रिक... फिर मंकीगेट विवाद, ऐसा रहा भज्जी का करियर
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हरभजन सिंह ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. उनका 23 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर रहा है. अपने करियर में हरभजन ने देश को दो वर्ल्ड कप जिताए हैं. वे टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज हैं...
भारतीय दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. उनका 23 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर रहा. अपने करियर में हरभजन ने देश को दो वर्ल्ड कप जिताए हैं. वे टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज हैं. यहीं से उनका करियर ग्राफ तेजी से ऊपर उठा था, लेकिन उनके करियर का एक विवाद ऐसा भी है, जो लंबा खिंचा.
यह मंकीगेट विवाद है, जो 2007-08 में भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हुआ था. तब हरभजन सिंह और एंड्र्यू सायमंड्स की झड़प हो गई थी. सिडनी टेस्ट में सायमंड्स बैटिंग कर रहे थे. तभी हरभजन से उनकी नोक-झोंक हो गई थी. बाद में सायमंड्स ने आरोप लगाया था कि भज्जी ने उन्हें मंकी कहा.
मामला सिडनी कोर्ट तक पहुंच गया. इस फैसले के खिलाफ अपील की गई. अपील में यह फैसला सुनाया गया कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित हो सके कि भज्जी ने रंगभेदी टिप्पणी की थी. हरभजन से तीन टेस्ट मैच का प्रतिबंध हटा दिया गया.यह मामला आज भी 'मंकीगेट' के नाम से जाना जाता है.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












