
Ground Report: सेक्स ट्रैफिकिंग का अड्डा बना चिकन नेक, घरों से गायब हो रही बच्चियां, पुलिस रिकॉर्ड में जिक्र तक नहीं!
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बागडोगरा एयरपोर्ट से सिलीगुड़ी के लिए निकलिए तो पूरा इलाका एक जिंदा तिलिस्म लगेगा, चाय बागान और जंगलों से घिरा. जब जी चाहे दार्जिलिंग निकल पड़े, या पूर्वोत्तर घूम आइए. बिना झिकझिक इंटरनेशनल ट्रिप चाहिए तो नेपाल, भूटान और थोड़ी मशक्कत के साथ बांग्लादेश भी. लेकिन इसी उजले शहर का एक अंधेरा कोना भी है. मानव तस्करी! पूर्वोत्तर से लेकर काठमांडू और ढाका से लड़कियों की खरीद-फरोख्त हो रही है. aajtak.in ने इसी क्रॉस-बॉर्डर ट्रैफिकिंग को समझने की कोशिश की.
'सिलीगुड़ी कभी सोता नहीं, ये बस झपकियां लेता है!' जिस होटल में ठहरी थी, देर रात लौटने के अपने कन्सर्न पर वहां का मैनेजर कहता है. बात सच ही थी. सुबह के पांच बजे हों, या रात के बारह, सड़क हरदम चलती ही दिखी. जागते हुए इस शहर की भागती हुई सड़कें सिर्फ पर्यटकों के लिए नहीं. इन्हीं रास्तों से होकर बहुत सी बच्चियां हमेशा के लिए गायब हो जाती हैं. पश्चिम बंगाल का उत्तरी हिस्सा यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर आजकल सुरक्षा वजहों से सुर्खियों में है. लेकिन संवेदनशील बॉर्डर वाला ये इलाका बालिग-नाबालिग लड़कियों की कथित तस्करी का भी अड्डा बन चुका.
वजह कई हैं, इंटरनेशनल लेकिन धुले-खुले बॉर्डर. बंद होते चाय बागान. बढ़ता एक्सपोजर. या फिर दिल्ली से दूरी… 'आज तक' ने अपनी पड़ताल में इससे जुड़े हर पहलू को टटोला. पिछले साल मुर्शिदाबाद के धुलियान शहर में गंगा घाट पर बहुत से टिन शेड घर दिखे. सामने गहरी लिपस्टिक लगाए महिलाएं बैठी हुईं. तीखी गर्मी में भी नकली रेशम के भड़कीले गाउन.
कई चांद पहले बांग्लादेश से जबरन लाई गई एक औरत कहती है- 14 या 15 लगा होगा, जब आई थी. अब पीठ कमान हुई जाती है. आंखें धुंधिया चुकीं, लेकिन घर वापसी नहीं हो सकती. तो आप उधर (बांग्लादेश) जाती नहीं हैं?
जाते क्यों नहीं. नदी ही तो पार करनी है. जब जी चाहे, कर लेते हैं. त्योहारों में तो हर शाम ही जाते हैं लेकिन वहां कोई घर नहीं. यहां घर-परिवार है आपका!
पैरों से रेत के ढेर को धकियाती महिला पलटकर पूछती है- ‘देखकर समझ नहीं रही कि हम क्या करती हैं, या जानबूझकर बन रही हो!’ आवाज ऐसी जैसे खाली कुएं से नाउम्मीदी का आखिरी बर्तन टकराए. मैं बिना कुछ पूछे-पाछे लौट आती हूं.
ये बात है, बीते साल मार्च के आखिर की. ठीक एक साल बाद हम दोबारा पश्चिम बंगाल में हैं. इस बार सिलीगुड़ी कॉरिडोर में. पूर्वोत्तर यानी आठ राज्यों को बाकी देश से जोड़ती ये संकरी डोर एक साथ कई देशों से घिरी हुई.

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