
G20 सम्मलेनः आसमान से जमीन तक हजारों जवानों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी, 35 किलोमीटर के दायरे में इंच-इंच की पहरेदारी
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भारत मंडपम के अंदर इन दो दिनों में जो भी बातचीत हो. लेकिन इस दौरान पूरी दिल्ली खास कर 35 कलोमीटर के इंच-इंच इलाके में एक साथ पचास हज़ार निगाहों की नज़र बस एक ही चीज़ पर होगी.. वो है किसी भी तरह का खतरा.
New Delhi G20 Summit: अभूतपूर्व... अगर महज एक शब्द में कहें तो दुनिया के 20 सबसे बड़े ताकतवर देशों के नेताओं की सुरक्षा के लिए नई दिल्ली में ऐसा ही कुछ इंतजाम है. जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले हर एक मेहमान की हिफाजत के लिए दिल्ली पुलिस समेत तमाम एजेंसियां पूरी तरह से तैयार हैं. जमीन से लेकर आसमान तक और सूरज से लेकर चांद की रोशनी तक में जहां कहीं भी कोई खतरा हो, उससे निपटने के लिए पूरी तैयारी है. बस यूं समझ लीजिए कि इंच इंच की पहरेदारी है.
दिल्ली में जुट रहे हैं दुनिया के ताकतवर नेता दुनिया के 20 सबसे ताकतवर देश के नेता. नेताओं के साथ 1200 हाई लेवल डिगनिटरीज़. एक लाख स्टाफ-डेलीगेशन. करीब 500 वीवीआईपी कारों का काफिला. वीवीआईपी मेहमानों के रुकने के लिए 23 पांच सितारा होटल. दिल्ली का 35 किलोमीटर का इलाका और भारत मंड़पम की एक छत. 80 के दशक के बाद ये पहला मौका है, जब दुनिया के बीस सबसे ताकतवर नेता दिल्ली में एक साथ एक ही छत के नीचे पूरे दो दिन रहेंगे.
35 किलोमीटर के दायरे में इंच-इंच पहरेदारी भारत मंडपम के अंदर इन दो दिनों में जो भी बातचीत हो. लेकिन इस दौरान पूरी दिल्ली खास कर दिल्ली के कुल 35 कलोमीटर के इंच-इंच इलाके में एक साथ पचास हज़ार निगाहों की नज़र बस एक ही चीज़ पर होगी.. ख़तरा. ज़मीन के नीचे से लेकर ज़मीन के ऊपर तक, रोशनी से लेकर हवा तक, 35 किलोमीटर के दायरे में झांकने वाली हर खिड़कियों तक जहां भी ज़रा सा भी खतरा महसूस होगा, उससे निपटने और उसे निपटाने की भरपूर तैयारी हो चुकी है.
40 हजार से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी इसके लिए 50 हज़ार दिल्ली पुलिस के जवान, पैरामिलिट्री फ़ोर्स, एनएसजी और सीआरपीएफ के कमांडो तैनात किए गए हैं. आयोजन स्थल के दायरे में आने वाली हाई राइज़ बिल्डिंग पर एंटी एयर6क्राफ्ट गन लगाई गई हैं. पूरे इलाके में 40 हज़ार से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरे और चेहरे को पढ़ने वाले 'फ़ेस रिकॉगनिशन' कैमरे लगाए गए हैं. पुलिस के साथ-साथ कमांडो और स्नाइपर्स भी आयोजन स्थल और उसके आस-पास नजर रख रहे हैं.
आयोजन स्थल और 23 फाइव स्टार होटल नो फ्लाईंग जोन नई दिल्ली के 35 किलोमीटर के दायरे में तलाशी के लिए खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है. आयोजन स्थल के करीब प्रगति मैदान के नीचे टनल में भी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. 23 पांच सितारा होटलों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है. जी20 के आयोजन स्थल यानी भारत मंडपम और 23 पांच सितारा होटलों के ऊपर नो फ़्लाईंग ज़ोन घोषित किया गया है. चौकसी इतनी है कि वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता.
बायो और कैमिकल वेपन से निपटने की तैयारी ये तो सिर्फ एक झलक है सुरक्षा से जुड़ी उन तैयारियों की, जो दिल्ली में जी20 सम्मेलन के मद्देनज़र की गई हैं. पर कुछ तैयारियां तो ऐसी हैं, जो दिखाई तक नहीं देंगी. जमीन और आसमान के अलावा हवा तक पर नजरें हैं कि कहीं इस हवा को कोई जहरीला ना बना दे. बायो वेपन से लेकर कैमिकल वेपन तक से कैसे निपटना है? इसके लिए भी दिल्ली पूरी तरह से तैयार है.

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