
DNA: India में Engineer बनने के सपनों की Engineering किसने की?
Zee News
हर साल 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सिविल इंजीनियर, भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या की जयंती का प्रतीक है। सर एमवी के रूप में भी जाना जाता है, उन्हें इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। 15 सितंबर को न केवल भारत में बल्कि श्रीलंका और तंजानिया में भी इंजीनियर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Project Kusha air defence: भारत अब दुश्मन की मिसाइलों और विमानों को हवा में ही ढेर करने के मामले में दुनिया के सबसे ताकतवर देशों की कतार में खड़ा होने जा रहा है. भारत का अपना 'S-400' यानी प्रोजेक्ट कुशा अब पूरी तरह तैयार है. वैज्ञानिकों ने इसके पहले चरण का परीक्षण करने की ठान ली है, जिससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों की टेंशन बढ़ना तय है.

India MQ-9B type drone: भारत अब जासूसी और हवाई हमलों की दुनिया में एक बहुत बड़ा धमाका करने जा रहा है. समंदर से लेकर हिमालय की चोटियों तक नजर रखने के लिए अब भारत अपना खुद का 'सुपर ड्रोन' तैयार कर रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस काम में दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रोन MQ-9B प्रीडेटर बनाने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स भी भारत का साथ देगी.

SPICE 250 bomb: भारतीय वायुसेना अब अपनी आसमानी ताकत को इतना घातक बनाने जा रही है कि दुश्मन चाहे कितना भी जादुई रडार या सिग्नल जाम करने वाली मशीन लगा ले, भारत का निशाना नहीं चूकेगा. इजराइल की मशहूर 'स्पाइस' (SPICE) फैमिली के नए बम अब भारतीय बेड़े में शामिल होने के लिए तैयार हैं. ये बम बिना किसी GPS की मदद के भी दुश्मन के बंकरों को ढूंढकर तबाह कर सकते हैं.

India 6th generation fighter jet: भारत अब सिर्फ लड़ाकू विमान बना ही नहीं रहा है, बल्कि अब हम उन विमानों को डिजाइन करने के लिए 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' का सहारा ले रहे हैं. भारत की प्रमुख रक्षा एजेंसी ADA अब 6वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की तैयारी में जुट गई है. यह तकनीक इतनी एडवांस है कि भविष्य के युद्धों में भारत के विमान दुश्मन के रडार और मिसाइलों को खुद ही मात देने में सक्षम होंगे.

HAL-GE जेट इंजन डील फाइनल! अमेरिका दे रहा 80% सीक्रेट टेक्नोलॉजी, भारत में बनेंगे 250 F414 जंगी इंजन
HAL GE F414 jet engine deal: भारत के लड़ाकू विमानों की ताकत को अब एक नया आसमान मिलने वाला है. सालों के इंतजार के बाद भारत और अमेरिका के बीच इंजन बनाने की वह ऐतिहासिक डील अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई है जो भारत को रक्षा के क्षेत्र में दुनिया के 'सुपरपावर' देशों की कतार में खड़ा कर देगी. अब भारत के आसमान के शिकारी विदेशी इंजनों के भरोसे नहीं, बल्कि अपनी धरती पर बने 'स्वदेशी दिल' यानी देसी जेट इंजन के दम पर दहाड़ेंगे.

Pralay missile: भारत की प्रलय मिसाइल की तकनीक पर बड़ा खुलासा रूस के जाने-माने सैन्य एक्सपर्ट एवगेनी डामंत्सेव ने की है. उन्होंने बताया कि इस मिसाइल को रोकना किसी एयर डिफेंस के बस की बात नहीं है. मैक-6 की रफ्तार से उड़ान भरेगी और अंतिम समय में मैक 4 की स्पीड से नाचते हुए दुश्मन के ठिकानों को हवा में उड़ा देगी.







