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300 KM रेंज, हवा में बदलेगा रास्ता, खुद ढूंढेगा निशाना! IAF खरीदेगी इजरायली 'SPICE-250' और 'ER' बम
Zee News
SPICE 250 bomb: भारतीय वायुसेना अब अपनी आसमानी ताकत को इतना घातक बनाने जा रही है कि दुश्मन चाहे कितना भी जादुई रडार या सिग्नल जाम करने वाली मशीन लगा ले, भारत का निशाना नहीं चूकेगा. इजराइल की मशहूर 'स्पाइस' (SPICE) फैमिली के नए बम अब भारतीय बेड़े में शामिल होने के लिए तैयार हैं. ये बम बिना किसी GPS की मदद के भी दुश्मन के बंकरों को ढूंढकर तबाह कर सकते हैं.
IAF SPICE 250 bomb: आधुनिक युद्धों में अब सिर्फ बम फेंकना काफी नहीं है, बल्कि उसे सही निशाने पर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है. ऐसे में, IDRW की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना अपनी 'स्टैंड-ऑफ' स्ट्राइक क्षमता को बढ़ाने के लिए स्पाइस 250 सीरीज का मूल्यांकन कर रही है. 'स्टैंड-ऑफ' का मतलब है कि हमारा लड़ाकू विमान दुश्मन की मिसाइलों की रेंज से बाहर सुरक्षित रहकर ही बम दाग सके. वहीं, स्पाइस 250 बम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह जीपीएस पर निर्भर नहीं रहता. अक्सर युद्ध के दौरान चीन या पाकिस्तान जैसे देश जीपीएस सिग्नल को जाम कर देते हैं ताकि मिसाइलें रास्ता भटक जाएं.

Sukhoi SJ-100 aircraft deal: भारत और रूस के बीच हवाई जहाजों को लेकर चल रही बातचीत अब एक नए और दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है. भारत चाहता है कि वह रूस के Sukhoi SJ-100 विमान को अपने यहां बनाए, लेकिन इस बार वह पूरी तरह रूस पर निर्भर नहीं रहना चाहता. इस बड़े प्रोजेक्ट में अब फ्रांस की एंट्री हो सकती है, जो इस विमान को 'सुपर पावर' देने का काम करेगा.

Short Range Ballistic Missile: BM-04 को एक रोड-मोबाइल और कैनिस्टर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल के तौर पर तैयार किया जा रहा है. इसकी रेंज करीब 400 किलोमीटर से लेकर 1500 किलोमीटर तक होगी. यह रेंज इसे पारंपरिक रॉकेट सिस्टम और लंबी दूरी की रणनीतिक मिसाइलों के बीच की अहम कड़ी बनाती है. यह मिसाइल परमाणु हथियारों के बजाय पारंपरिक (कन्वेंशनल) वारहेड के साथ सटीक हमला करने के लिए बनाई जा रही है.

Indian Intelliene Agencies Warn ISI SPY Network: ISI भारत में अपने जासूसी नेटवर्क को लगातार फैलाने की कोशिश कर रही है. इसके संकेत बीते कई मामलों में हुआ है. पाकिस्तान भारत के खिलाफ बड़े स्तर पर दुष्प्रचार अभियान चलाने की भी योजना बना रहा है. इसमें भारतीय सशस्त्र बलों को बदनाम करने की कोशिश की जाएगी.

DRDO Develops Water Desalination System: SWaDeS को खासतौर पर दूरदराज के तटीय इलाकों, द्वीपों और समुद्री मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है. जहां मीठे पानी की उपलब्धता बड़ी चुनौती होती है. यह एक पोर्टेबल और तेजी से तैनात किया जा सकने वाला सिस्टम है. इसे आपात हालात में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है.

India Gaganyaan Uncrewed Mission Private Rocket: इस साल के अंत तक गगनयान मिशन की पहली अनमैन्ड उड़ान लॉन्च की जाएगी. जो भारत के ह्यूमन स्पेसफ्लाइट कार्यक्रम की नींव मजबूत करेगी.गगनयान का पहला ऑर्बिटल टेस्ट मिशन G-1 मार्च तक लॉन्च होने की उम्मीद है. इस मिशन में ह्यूमनॉइड रोबोट व्योममित्र को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा.








