
Delhi Monsoon: हो जाइए तैयार, बस आ ही गया मॉनसून! दिल्ली में इस दिन होगी दस्तक, गर्मी से मिलेगी राहत
AajTak
Monsoon 2022: दिल्लीवासी बेसब्री से मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं. राजधानी में 30 जून या फिर एक जुलाई को मॉनसून आ सकता है. वहीं, छह जुलाई तक यह देशभर को कवर कर लेगा.
Weather Forecast: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गर्मी के बीच हो रहा मॉनसून (Delhi Monsoon Date) का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है. मॉनसून दिल्ली से कुछ ही दिन दूर है और जल्द ही दस्तक देगा. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से राजधानी में इस बार एक मार्च से सिर्फ 72.5 एमएम बारिश हुई है, जोकि नॉर्मल 107.3 एमएम की तुलना में काफी कम है. वेदर एक्सपर्ट्स ने बताया है कि मॉनसून आने के बाद पहले दस दिनों में राजधानी में अच्छी बारिश होगी. मॉनसून के आगमन से तापमान में भी कमी दर्ज की जाएगी. राजधानी में 30 जून या फिर एक जुलाई को मॉनसून आ सकता है. वहीं, छह जुलाई तक देशभर को कवर कर लेगा.
राजधानी में मार्च में कोई बारिश दर्ज नहीं की गई और अप्रैल में 12.2 मिमी के मासिक औसत के मुकाबले मामूली 0.3 मिमी बारिश देखी गई. थोड़ी सी बारिश की वजह से गर्मी और बढ़ गई. राजधानी में साल 1951 के बाद से इस साल का दूसरा सबसे गर्म अप्रैल दर्ज किया गया. मासिक औसत अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा.
लंबे समय तक लू चलने से दिल्ली के कुछ हिस्सों में मई में अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में इस गर्मी के मौसम में अब तक 27 दिनों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो 2012 के बाद से सबसे अधिक है.
दिल्ली में इस दिन आएगा मॉनसून बता दें कि एक जून से मॉनसून सीजन की शुरुआत होती है. तब से दिल्ली में सामान्य 59.5 मिमी के मुकाबले सिर्फ 24.5 मिमी बारिश हुई है. यह सब बारिश 16 जून और 20 जून के बीच हुई. हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई के पहले सप्ताह में मॉनसून इस कमी को पूरा कर देगा और भरपूर बारिश होगी. इससे गर्मी से भी राहत मिलेगी. स्काईमेट वेदर के वाइस-प्रेसिडेंट महेश पलावत ने बताया कि दिल्ली में 29 जून से फिर से बारिश होगी. दिल्ली में मॉनसून के 30 जून या एक जुलाई को आने की संभावना है.
पिछले साल रिकॉर्ड देरी से पहुंचा था मॉनसून पलावत ने कहा कि नमी के स्तर में होने वाली बढ़ोतरी, पूर्वी हवाएं और लगातार दो दिनों तक अच्छी बारिश मॉनसून के आगमन को दर्शाती है. पिछले साल, IMD ने भविष्यवाणी की थी कि मॉनसून अपनी सामान्य तिथि 27 जून से लगभग दो सप्ताह पहले दिल्ली पहुंचेगा. हालांकि, यह 13 जुलाई को राजधानी पहुंचा, जोकि 13 सालों में सबसे देरी से पहुंचने वाला मॉनसून था. पिछले साल मॉनसून ने ब्रेक फेज में एंट्री ली थी और 20 जून से 8 जुलाई तक लगभग कोई प्रगति नहीं हुई थी।. पिछले साल, मॉनसून ने दिल्ली में अच्छी शुरुआत भी नहीं की थी.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पलावत ने कहा कि हालांकि, हम इस बार पहले दो से तीन दिनों के लिए अच्छी बारिश की उम्मीद करते हैं और यह बारिश जारी रहेगी. हालांकि, IMD ने अभी तक दिल्ली में मॉनसून के आगमन की संभावित तारीख नहीं बताई है, लेकिन मौसम कार्यालय ने कहा कि यह 29 जून तक उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों को कवर कर लेगा और पूरे देश में 6 जुलाई तक पहुंच जाएगा.

ग्रेटर नोएडा में कोहरे के कारण पानी से भरे बेसमेंट में गिरी कार हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मौके पर मौजूद डिलिवरी ब्वॉय ने रस्सी बांधकर पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की. लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका. नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत के बाद डिलिवरी ब्वॉय को क्यों धमका रही पुलिस?

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.









