
CPEC पर India के विरोध को China ने किया दरकिनार, Kashmir नीति में बदलाव नहीं आने की बात दोहराई
Zee News
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि हम अफगानिस्तान सहित क्षेत्रीय देशों में भी CPEC का विस्तार कर रहे हैं. इससे न केवल पाकिस्तान में तेजी से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क भी बढ़ेगा. भारत पहले भी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे पर आपत्ति जता चुका है.
बीजिंग: चीन (China) ने एक बार फिर अपनी विवादास्पद 60 अरब डॉलर की CPEC परियोजना पर भारत (India) के विरोध को दरकिनार कर दिया है. बीजिंग की तरफ से परियोजना का बचाव करते हुए कहा गया है कि यह एक आर्थिक पहल है और कश्मीर मुद्दे पर उसके सैद्धांतिक रुख को प्रभावित नहीं करती. बता दें कि चीन और पाकिस्तान के नेताओं ने हाल ही में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (China-Pakistan Economic Corridor-CPEC) की प्रगति की प्रशंसा की थी और अपने राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने का जश्न मनाया था. भारत (India) बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की प्रमुख परियोजना CPEC का विरोध कर रहा है. इसकी वजह यह है कि ये प्रोजेक्ट पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) से होकर गुजरता है. प्रोजेक्ट चीन के शिंजियांग प्रांत को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ता है. अपनी परियोजना का बचाव करते हुए चीन ने कहा कि CPEC एक आर्थिक परियोजना है और इसका लक्ष्य किसी तीसरे देश को प्रभावित करना नहीं है.
Bulsae-4 missile North Korea weapons: उत्तर कोरिया ने दुनिया के सबसे खतरनाक टैंक रोधी हथियारों में से एक 'बुलसे-4' (Bulsae-4) का उत्पादन कई गुना बढ़ाने का फैसला किया है. यूक्रेन के युद्ध के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के बाद, अब यह मिसाइल और भी घातक होकर सामने आई है. इसे 'फायर एंड फॉरगेट' यानी 'दागो और भूल जाओ' हथियार कहा जाता है, जो पलक झपकते ही बड़े से बड़े टैंक को लोहे के कबाड़ में बदल देता है.

SU-30MKII को F-35 ने उड़ने तक नहीं दिया! बेस पर ही किया भस्म; वेनेजुएला में अमेरिका और रशिया में जंग
SU-30MKII Vs F35 in War: अमेरिका ने पहले वेनेजुएला की एयर डिफेंस तबाह की, फिर F-35B स्टेल्थ जेट से SU-30MKII को जमीन पर ही नष्ट कर दिया. आसमान साफ होते ही डेल्टा फोर्स ने कराकस में घुसकर राष्ट्रपति मादुरो को दबोच लिया, बिना फुल-स्केल युद्ध छेड़े.

US Air Force B-1B Lancer bombers: B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने की तैयारी में है. इसका मुख्य कारण इन विमानों में Long Range Anti-Ship Missile (LRASM) का शामिल किया जाना है. इससे इन्हें दुश्मन के समुद्री बेड़े पर हमला करने की बड़ी क्षमता मिलती है. अमेरिका B-1B बॉम्बर्स को चीन के तेजी से बढ़ते सतह युद्धपोत बेड़े के मुकाबले एक असमान रणनीतिक हथियार के तौर पर देख रहा है.

F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.




