
China's Artificial Sun: China के 'Man made sun' से आपको क्या फायदा होगा?
AajTak
चीन (China) बीते कुछ समय से एक एक्सपेरिमेंट में जुटा है. इसका नाम है Experimental Advanced Superconducting Tokamak जिसे short में EAST भी कहा जाता है. इस एक्सपेरिमेंट में एक बड़े से reactor से उसी तरह energy पैदा करने की कोशिश की जा रही है जिस तरह सूरज अपनी एनर्जी पैदा करता है. जून 2021 में ये ठीक 101 सेकंड्स के लिए 120 million celsius गरम रहा था. जबकि 2022 में ये 1,056 seconds तक 70 million degrees Celsius पर स्थिर रहा. ये सूरज के तापमान से करीब 10 गुना अधिक था. चीन को ये सफलता हासिल करने में कई साल लग गए. उसने ये एक्सपेरिमेंट साल 2006 में शुरू किया था तब जाकर वो ये सफलता हासिल कर पाया है. अगर चीन इसमें सफल हो जाता है तो बहुत कम कीमत पर अधिक ग्रीन एनर्जी पैदा करने का सबसे बड़ा रास्ता खुल जाएगा.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









