
Asia Cup: पहले एशिया कप की कहानी... जिसमें 2 मैच जीत चैम्पियन बनी थी टीम इंडिया, इस दिग्गज ने की कप्तानी
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एशिया कप के पहले संस्करण में खिताबी जीत के बाद भारतीय टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. भारतीय टीम अब तक 8 बार एशिया कप जीत चुकी है. श्रीलंका ने 6 और पाकिस्तान ने 2 बार ये प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीता है.
एशिया कप 2025 की शुरुआत होने में अब चंद दिन बाकी हैं. इस बार एशिया कप 9 सितंबर को शुरू होगा और इसका फाइनल 28 सितंबर को खेला जाएगा. इसके मुकाबले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों अबू धाबी और दुबई में होंगे. आगामी टी20 वर्ल्ड कप कप के मद्देनजर एशिया कप 2025 टी20 फॉर्मेट में आयोजित होगा.
एशिया कप 2025 में आठ टीमें भाग लेंगी, लेकिन जब पहली बार एशिया कप हुआ था तो महज तीन टीमों ने हिस्सा लिया था. एशिया कप का पहला संस्करण साल 1984 में 6 से 13 अप्रैल के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में खेला गया था. पहले संस्करण में भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान की टीमों ने हिस्सा लिया था.
भारतीय टीम ने 1984 का एशिया कप कपिल देव के बिना खेला था, जिन्होंने लगभग एक साल पहले अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को क्रिकेट वर्ल्ड कप जिताया. हालांकि कपिल देव के बिना भी भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाया और सुनील गावस्कर की कप्तानी में खिताब अपने नाम किया. उस टूर्नामेंट में जहीर अब्बास ने पाकिस्तान और दलीप मेंडिस ने श्रीलंका की कप्तानी की.
श्रीलंका से भी पिट गया था पाकिस्तान एशिया कप 1984 का पहला मुकाबला 6 अप्रैल को खेला गया, जिसमें श्रीलंका ने 5 विकेट से जीत हासिल की. मुकाबले में पाकिस्तानी टीम निर्धारित 46 ओवर्स में 9 विकेट पर 187 रन ही बना सकी. जवाब में श्रीलंकाई टीम ने रॉय डायस (नाबाद 57 रन) की शानदार इनिंग्स के चलते 15 गेंद बाकी रहते ही टारगेट हासिल कर लिया.
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फिर 8 अप्रैल 1984 को भारत का सामना श्रीलंका से हुआ. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 10 विकेट से धमाकेदार जीत हासिल की. भारतीय टीम ने चेतन शर्मा (3 विकेट), मदन लाल (3 विकेट) और मनोज प्रभाकर (2 विकेट) की तूफानी गेंदबाजी की बदौलत श्रीलंका को महज 96 रनों पर ढेर कर दिया. इसके बाद विकेटकीपर सुरिंदर खन्ना (नाबाद 51 रन) और गुलाम पारकर (नाबाद 32 रन) ने विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












