
गरीबी में 14KM साइकिल चलाकर स्टेडियम और...एक जिद ने प्रशांत को बनाया 14 करोड़ का IPL स्टार
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आईपीएल में 14.20 करोड़ की रिकॉर्ड बोली के बाद अमेठी के क्रिकेटर प्रशांत वीर सिंह तिवारी की सफलता पर पूरे अमेठी में जश्न का माहौल है. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में उनके साथ खेलने वाले दोस्तों ने खुशी जताई और पुराने संघर्ष के दिनों को याद किया. प्रशांत के दोस्तों ने बताया कि वह रोजाना 12 से 14 किलोमीटर साइकिल चलाकर प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम आता था.
आईपीएल ऑक्शन 2025 में अगर किसी एक खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी है तो उसक नाम प्रशांत वीर है. यूपी के अमेठी के रहने वाले 20 साल के बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर प्रशांत वीर इस आईपीएल ऑक्शन में सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए. 30 लाख रुपये के ब्रेस पाइस वाले इस युवा खिलाड़ी को अपनी टीम में लाने के लिए चेन्नई सुपर किंग्स ने 14.20 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. अब प्रशांत वीर की इस सफलता पर उसके दोस्तों ने कई राज खोले हैं.
प्रशांत की इस उपलब्धि के बाद उनके गांव गुजीपुर (थाना संग्रामपुर) से लेकर पूरे अमेठी जिले में जश्न का माहौल है. घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है, वहीं उनके साथ ग्राउंड पर पसीना बहाने वाले दोस्त भी अपनी खुशी छुपा नहीं पा रहे हैं.
भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में प्रशांत के साथ क्रिकेट खेलने वाले साथी पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक हो उठे. प्रशांत के करीबी दोस्त सचिन ने बताया कि वो दोनों अक्सर ओपनिंग किया करते थे और प्रशांत शुरू से ही आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा खिलाड़ी था. उन्होंने कहा कि 'आज हमें गर्व है कि हमारे बीच का खिलाड़ी आईपीएल में देश का नाम रोशन कर रहा है.'
टीम के कप्तान अकबर ने बताया कि प्रशांत की सबसे बड़ी ताकत उसकी मेहनत थी. वह रोजाना 12 से 14 किलोमीटर साइकिल चलाकर प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम आता था. चाहे मौसम कैसा भी हो, वह कभी अभ्यास से पीछे नहीं हटता था. साथियों के मुताबिक, कोच गालिब सर के मार्गदर्शन में प्रशांत ने अपने खेल को लगातार निखारता रहा.
भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में साल 2017-18 बैच के दौरान प्रशांत ने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं. उस समय स्टेडियम में तैनात रहे खेल अधिकारी शमीम अहमद ने बताया कि प्रशांत बेहद अनुशासित और प्रतिभाशाली खिलाड़ी था. उन्होंने कहा कि 'उसकी सफलता के पीछे उसकी कड़ी मेहनत और कोच की भूमिका दोनों अहम है.

एक समय था जब बिहार से आईपीएल में खिलाड़ियों की मौजूदगी गिनी-चुनी होती थी. लेकिन आज 7 खिलाड़ियों का इस लीग में होना राज्य के क्रिकेट इकोसिस्टम में आए बदलाव का संकेत है. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस बदलाव की कहानी है जहां कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाला राज्य अब भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहा है.












