
कभी सांप, कभी सूरज की रोशनी, कभी मैदान पर कार... क्रिकेट मैच रुकने के अजब-गजब कारण!
AajTak
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच लखनऊ टी20 मैच पर घने कोहरे का असर पड़ा था. यह मुकाबला बिना टॉस के ही रद्द करना पड़ा था. क्रिकेट इतिहास में कई मौके ऐसे आए, जब दिलचस्प वजहों से मैच रोकना पड़ा.
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला 17 दिसंबर (बुधवार) को घने कोहरे के कारण नहीं हो पाया. अंपयारों ने छह बार मैदान का निरीक्षण किया, लेकिन कोहरा इतना ज्यादा था कि मैच में टॉस तक नहीं हो सका. मैच रद्द होने से लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को निराशा हाथ लगी. दर्शक मायूस चेहरा लेकर स्टेडियम छोड़कर बाहर गए.
चौथा टी20 मुकाबला रद्द होने के बाद अब भारतीय टीम को सीरीज जीतने के लिए आखिरी मुकाबले में पूरा जोर लगाना होगा. दोनों देशों के बीच टी20 सीरीज का पांचवां मुकाबला 19 दिसंबर (शुक्रवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है. भारतीय टीम ये मुकाबला जीत जाती है तो सीरीज अपने नाम कर लेगी. दूसरी ओर साउथ अफ्रीकी टीम के मैच जीतने पर सीरीज 2-2 से बराबरी पर छूट जाएगी.
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब कोहरे की वजह से कोई मैच रद्द हुआ. एशियाई उप-महाद्वीप में सर्दियों के मौसम में टेस्ट मुकाबले कई बार कोहरे की वजह से देरी से शुरू हो चुके हैं. साल 1998 में जिम्बाब्वे और पाकिस्तान के बीच फैसलाबाद टेस्ट मैच कोहरे के कारण पूरी तरह रद्द करना पड़ा था. वह मैच भी बिना टॉस के रद्द हुआ था. वैसे भी क्रिकेट इतिहास में कई बार मुकाबले अजीब, मजेदार और हैरान करने वाली वजहों से रुक चुके हैं...
उड़ने वाली चींटियां: साल 2024 में सेंचुरियन के मैदान पर भारत-साउथ अफ्रीका के बीच का टी20 मैच उड़ने वाली चींटियों के कारण करीब 30 मिनट तक रोकना पड़ा था.
मधुमक्खियां: साल 2017 में साउथ अफ्रीका-श्रीलंका के बीच जोहानिसबर्ग में आयोजित वनडे मैच को मधुमक्खियों के झुंड ने 65 मिनट तक रोक दिया था.
सूरज की रोशनी: सूरज की रोशनी की वजह से भी मुकाबले कई अवसर पर रोके गए हैं. जनवरी 2019 में नेपियर के मैक्लीन पार्क में भी ऐसा देखने को मिला था, तब भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे मुकाबला खेला गया था. सूरज की रोशनी सीधे बल्लेबाजों के आंख पर पड़ रही थी और मैच आधे घंटे बाद दोबारा स्टार्ट हुआ था.

एक समय था जब बिहार से आईपीएल में खिलाड़ियों की मौजूदगी गिनी-चुनी होती थी. लेकिन आज 7 खिलाड़ियों का इस लीग में होना राज्य के क्रिकेट इकोसिस्टम में आए बदलाव का संकेत है. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस बदलाव की कहानी है जहां कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाला राज्य अब भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहा है.












