
Aaj Ka Din: कर्नाटक की राजनीति में फिर येदियुरप्पा की वापसी
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कर्नाटक की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा फिर से एक्टिव हो गए हैं. कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को चुनाव होगा. एशिया कप के महामुकाबले में पाकिस्तान को भारतीय टीम ने शिकस्त दे दी है. आखिर पाकिस्तान की टीम इस मैच में कहां चूक गई? इन खबरों पर विस्तार से चर्चा सुनिए 'आज का दिन' में...
ज्यादा पुरानी बात नहीं है. बस अगस्त महीना शुरू होने वाला था. कई मीडिया रिपोर्ट्स में खबर छपी कि कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा राजनीति से रिटायर होने के संकेत दे रहे हैं. लेकिन अगस्त खत्म होते होते कहा जाने लगा कि अगले साल होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव का भार उनके कंधे पर आ सकता है.
कुछ ही दिन में लगा कि सबकुछ बदल गया. इसकी शुरुआत हुई थी अमित शाह के बेंगलुरु दौरे से जहां येदियुरप्पा के साथ आधे घंटे तक आगामी चुनाव को लेकर चर्चा हुई. कुछ ही दिनों बाद उन्हें बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड में जगह दी गई. स्वतंत्रता दिवस के रोज ही उन्होंने ये भी ऐलान किया कि कर्नाटक चुनाव एक कलेक्टिव लीडरशिप के अंडर लड़ा जाएगा. सीएम का चेहरा प्रोजेक्ट नहीं किया जाएगा. मतलब एक बात तो साफ है कि पार्टी शायद मौजूदा सीएम बसवराज बोम्मई के चेहरे पर दांव खेलना नहीं चाह रही है.
दूसरी तरफ राज्य में नए बीजेपी प्रेसिडेंट को लेकर भी बात शुरू है. शुक्रवार को ही येदियुरप्पा दिल्ली में थे जहां उनकी मुलाकात बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से हुई. मीटिंग के बाद येदियुरप्पा ने कहा कि वो तीन महीने तक राज्य का दौरा करेंगे, ताकि लोगों से सीधा संपर्क साध सकें. वहीं राज्य में सत्ता में आने की कोशिश कर रही कांग्रेस के लिए इसे जानकार अच्छी खबर की तरह नहीं देख रहे हैं. तो अब यहां सवाल ये है कि कई साल से एक्टिव पॉलिटिक्स से बाहर चल रहे येदियुरप्पा को पार्टी अचानक से सेंटर में लेकर क्यों आई है, इसके पीछे का कारण क्या है?
कौन होगा कांग्रेस का नया अध्यक्ष?
कई महीनों से जिस तारीख का इंतजार कांग्रेस के नेताओं को था, कल आखिरकार उसका ऐलान हो गया. कांग्रेस वर्किंग कमेटी की कल मीटिंग हुई, जिसमें ये तय किया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 19 अक्टूबर को काउंटिंग. बैठक के बाद केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने यह जानकारी दी. पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए कोई भी नामांकन दाखिल कर सकता है और ये कांग्रेस के लोकतंत्र को दर्शाता है.
बैठक में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल जैसे नेता शामिल थे साथ ही पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़ी थीं. कुछ रोज पहले ही कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान खूब सुर्खियों में था जब उन्होंने कहा कि वो राहुल गांधी को ही अध्यक्ष पद के लिए चुनेंगे और अगर वो नहीं मानें तो उन पर दबाव डालेंगे. हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया था कि राहुल गांधी अध्यक्ष नहीं बनना चाह रहे हैं. तो कल हुई मीटिंग की बात करते हैं. क्या बातें हुई, क्या अध्यक्ष को लेकर किसी नाम पर भी चर्चा हुई? पाकिस्तान से कहां हुई चूक?

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