
785 दिन का इंतजार, घरेलू मेहनत और धमाकेदार वापसी... भारतीय क्रिकेट के 'सिंड्रेला मैन' बने ईशान किशन
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ईशान किशन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ रायपुर टी20 मैच में 76 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली. ईशान किशन ने मेहनत से अपनी वापसी का अध्याय लिखा है. ईशान ने घरेलू क्रिकेट में रन बनाए और फिर से भारतीय टीम में दोबारा जगह बनाई.
जब ईशान किशन की भारतीय टीम में वापसी को देखा जाता है, तो इसमें हॉलीवुड की मशहूर फिल्म 'सिंड्रेला मैन' की झलक साफ नजर आती है. एक ऐसा खिलाड़ी, जिसे खेल से बेइंतहा प्यार था, लेकिन हालात और परिस्थितियों ने उसे लंबे समय तक टीम से बाहर बैठने पर मजबूर कर दिया. फिर आया इंतजार, संघर्ष और खुद को दोबारा साबित करने का दौर.
ईशान किशन के लिए यह ब्रेक उनकी मर्जी से नहीं था. बीसीसीआई का संदेश बिल्कुल साफ था कि अगर भारतीय टीम में वापसी चाहिए, तो घरेलू क्रिकेट में रन बनाकर दिखाने होंगे. भारतीय क्रिकेट ने पहले भी कई ऐसे टैलेंट देखे हैं, जिन्हें कभी 'अगला बड़ा सितारा' कहा गया, लेकिन वे धीरे-धीरे गुमनामी में चले गए. विनोद कांबली से लेकर पृथ्वी शॉ तक, कई नाम सामने हैं.
एक समय ऐसा भी लगने लगा था कि ईशान किशन भी इसी लिस्ट में शामिल हो जाएंगे, लेकिन ईशान ने हार मानने से इनकार कर दिया. भारतीय टीम से 785 दिन बाहर रहने के बावजूद उन्होंने अपने करियर पर पानी नहीं फिरने दिया. न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच में उन्होंने पुराने अंदाज़ की झलक जरूर दिखाई, लेकिन रायपुर में खेले गए दूसरे मैच में ईशान ने पूरी दुनिया को बता दिया कि वे किस मिट्टी के बने हैं.
ईशान ने सिर्फ 32 गेंदों पर 76 रन बनाए और भारत को रिकॉर्डतोड़ जीत दिलाने में मदद की. मैच के बाद मोहम्मद कैफ ने बिल्कुल सही बात कही. कैफ ने X पर लिखा, 'ईशान किशन की सबसे बड़ी ताकत है उनका भरोसा और उनकी मेहनत. यही वजह है कि वह हर गिरावट के बाद उठते हैं. यह उनके लिए एक असली कमबैक है.'
एक जुझारू बॉक्सर की तरह ईशान लगातार बड़े शॉट खेलते रहे. गेंद ही नहीं, उनका बल्ला भी कई बार हवा में उड़ता दिखा. हालात ऐसे थे कि मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों को भी हेलमेट पहनने की जरूरत महसूस हो रही थी.
वर्तमान में रहना ही सबसे बड़ा सबक किसी बड़े झटके के बाद अक्सर खिलाड़ी भविष्य के बारे में ज्यादा सोचने लगते हैं, जो नुकसानदायक होता है. विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज भी हमेशा 'वर्तमान में रहने' की बात करते आए हैं. ईशान किशन ने भी यही रास्ता अपनाया/ जनवरी 2024 से जनवरी 2026 तक उन्होंने घरेलू क्रिकेट में जमकर रन बनाए. उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि तब आई, जब उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले झारखंड की कप्तानी करते हुए टीम को पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताई. ईशान ने 10 पारियों में 517 रन बनाए, वह भी 197 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से.

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