
6 न्यूक्लियर साइंटिस्ट खोने पर भड़का ईरान, बोला- इजरायल का भविष्य तय, कुचल देने वाली प्रतिक्रिया का इंतजार करे
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ईरान ने 6 परमाणु वैज्ञानिकों के मारे जाने की बात स्वीकार कर ली है. इनमें ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के पूर्व प्रमुख डॉ. फेरेयदून अब्बासी; और प्रमुख परमाणु भौतिक विज्ञानी डॉ. मोहम्मद मेहदी तेहरांची, अब्दुलहामिद मिनोउचेहर, अहमदरेज़ा ज़ोल्फ़ागरी, सईद अमीरहुसैन फ़ेक़ी, मोतलाबिजादेह शामिल हैं.
इजरायली हमले में देश के टॉप लीडरशिप को खोकर ईरान बौखलाया हुआ है. ईरानी मीडिया के अनुसार ईरान के रक्षा मंत्री अज़ीज़ नसीरजादेह ने कहा है कि इजरायल हमारी 'कुचल देने वाली प्रतिक्रिया' का इंतजार करे.
संयुक्त राष्ट्र को भेजे गए एक पत्र में ईरान ने इस हमले के बाद तत्काल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मीटिंग बुलाने की मांग की है. तेहरान ने इजरायली हमलों की तीव्र निंदा की है और सुरक्षा परिषद से ईरानी संप्रभुता के उल्लंघन से पैदा हुए सवाल को संबोधित करने के लिए तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है.
UN को भेजे पत्र में ईरान ने कहा है, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान इन कायरतापूर्ण और गैरकानूनी कृत्यों का निर्णायक, आनुपातिक और निवारक तरीके से अपने द्वारा चुने गए समय और स्थान पर जवाब देगा."
इसमें आगे कहा गया है कि ईरान की क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा करना एक मौलिक और नॉन नेगोशिएबल (जिससे समझौता न किया जाए) अधिकार है. ईरान ने कहा कि इजरायल का हमला 'युद्ध की घोषणा' है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर कहा कि इजरायल की आक्रामकता 'युद्ध की घोषणा' है. अराघची ने IAEA को पत्र लिखकर IAEA चीफ ग्रॉसी से ईरान के परमाणु स्थलों के खिलाफ इजरायली हमले की निंदा करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि इजरायल का यह कदम ईरान के खिलाफ युद्ध की आक्रामक घोषणा है.
इजरायल ने कहा है कि ज़ायोनी शासन को इस आक्रामकता और इसकी रणनीतिक मिसकैलकुलेशन के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
मारा गाया गया ईरान का टॉप मिलिट्री लीडरशिप

अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह देते हुए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. ईरान में पिछले दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच यह अलर्ट जारी हुआ है. अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार पेंटागन साइबर अटैक के साथ-साथ ईरान के घरेलू सुरक्षा निकायों और बैलेस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमले के विकल्पों पर विचार कर रहा है.

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले लगातार हो रहे हैं. हाल ही में चटगांव के डागनभुइयां में 28 वर्षीय हिंदू युवक समीर दास की चाकू से हत्या कर दी गई. समीर पेशे से ऑटो चालक था, हत्या करने वाले उसके ऑटो को भी चुरा कर फरार हो गए. पुलिस ने बताया कि यह हत्या देशी कट्टे से की गई है और यह मामला सुनियोजित लगता है.











