
193 करोड़ की संपत्ति वाला DFC बंद होने की कगार पर! देवेंद्र यादव बोले, 'पेंशन नहीं मिलने से...'
ABP News
Delhi News: कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने कहा कि कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत करके डीएफसी को एक सफल और आर्थिक रूप से सक्षम निगम बनाया था लेकिन पेंशनभोगियों के पास आज दवाएं खरीदने तक के पैसे नहीं हैं.
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 53 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और बैंक जमा तथा 193 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति होने के बावजूद दिल्ली वित्त निगम (DFC) को बंद करने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 से सभी पेंशनभोगियों को पेंशन और मेडिकल सुविधाएं देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक उनका भुगतान नहीं किया गया है.
देवेंद्र यादव ने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत करके डीएफसी को एक सफल और आर्थिक रूप से सक्षम निगम बनाया था. इसके बावजूद अब उन्हीं कर्मचारियों को उनकी पेंशन और अन्य संबंधित लाभों से वंचित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण अधिकतर पेंशनभोगी गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहे हैं.
देवेंद्र यादव ने बताया कि डीएफसी पेंशनभोगी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला और अपनी समस्याएं रखीं. उन्होंने उनसे अनुरोध किया कि वे इस मुद्दे को जल्द से जल्द दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने उठाएं. यादव ने कहा, ''कई पेंशनभोगियों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि उनके पास जीवनरक्षक दवाएं खरीदने तक के पैसे नहीं हैं.''
कांग्रेस नेता ने कहा कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में भाजपा ने युवाओं को 50,000 सरकारी नौकरियां देने और गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड बनाने का वादा किया था. इसके साथ ही 10 लाख रुपये का जीवन बीमा और 5 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा देने की भी बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि 'विकसित दिल्ली संकल्प पत्र' में श्रमिकों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार बढ़ाने का भी वादा किया गया था.













