
मिडिल ईस्ट की जंग में झुलसा दुबई! पर्यटन ठप, गूगल-माइक्रोसॉफ्ट जैसी MNCs पर भी असर
ABP News
US-Iran War: मिडिल ईस्ट में छिड़ा युद्ध दुबई के भविष्य पर गहरा और गंभीर असर डाल रहा है. दुबई की सुरक्षित और लग्जरी हब की छवि को नुकसान पहुंचा है, जो लंबे समय तक जारी रह सकता है.
ईरान युद्ध दुबई के भविष्य पर गहरा और गंभीर असर डाल रहा है. दुबई की अर्थव्यवस्था खास तौर पर पर्यटन, हवाई यात्रा, रियल एस्टेट, बैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय निवेश पर निर्भर है, तेल पर नहीं. युद्ध के तीसरे हफ्ते में ही दुबई की सुरक्षित और लग्जरी हब की छवि को नुकसान पहुंचा है, जो लंबे समय तक जारी रह सकता है. दुबई की अर्थव्यवस्था का 95 फीसदी हिस्सा तेल बाहर है.
युद्ध से दुबई की टूरिज्म इंडस्ट्री को नुकसान
दुबई का पर्यटन उद्योग सालाना करीब 30 अरब डॉलर कमाता है, लेकिन युद्ध के कारण उसे भारी नुकसान पहुंता है, पहले अनुमान जताया गया था कि उसे फायदा होगा लेकिन युद्ध के कारण अब ग्रोथ की जगह नुकसान की आशंका है. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया के सबसे बिजी एयरपोर्ट में एक है लेकिन ईरानी ड्रोन हमलों से उसे हालत खस्ता हैं. होटलों पर भी असर पड़ा, जहां आग लगने की घटनाएं हुईं.
रमजान के दौरान बड़ी संख्या में लोग दुबई आते थे, लेकिन पर्यटक अब दुबई को असुरक्षित मान रहे हैं. अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने गैर-जरूरी यात्रा के खिलाफ चेतावनी जारी की है. अगर युद्ध 1-2 महीने और चला तो दुबई को भारी नुकसान होगा. दुबई की सुरक्षित हेवन की छवि खराब होने से पर्यटन रिकवरी में कई साल लग सकते हैं और यात्री यूरोप या एशिया की ओर शिफ्ट हो सकते हैं.













