
हूती-नियंत्रित होदेइदाह पोर्ट पर इजरायल की बमबारी, ईलात एयरपोर्ट हमले का दिया जवाब
AajTak
इलाके के निवासियों ने रॉयटर्स को बताया कि इजरायली हमला लगभग 10 मिनट तक चला. यह हमला अरबी प्रवक्ता कर्नल अविचाय अद्राई द्वारा नागरिकों को क्षेत्र खाली करने की चेतावनी देने के कुछ ही देर बाद हुआ.
इजरायल ने मंगलवार को यमन में हूती-नियंत्रित होदेइदाह पोर्ट पर हमला किया. इजरायली सेना (IDF) ने कहा कि इस पोर्ट का इस्तेमाल करके ईरानी हूती विद्रोहियों को हथियारों की आपूर्ति कर रहा था. IDF ने अपने बयान में कहा, 'यह हमला हूती आतंकवादी शासन द्वारा बार-बार इजरायल पर किए गए हमलों के जवाब में किया गया. हूती विद्रोही अपने नियंत्रण वाले यमन के इलाकों से इजरायल की ओर यूएवी और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के जरिए हमला कर रहे हैं.'
हूतियों से संबद्ध अल मसीरा टीवी (Al Masirah TV) ने कहा कि इजरायल ने होदेइदाह पोर्ट पर 12 हमले किए. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पोर्ट पर मौजूद दो सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल ने तीन डेक को निशाना बनाया, जिन्हें पहले के हमलों के बाद हाल ही में संचालन के लिए खोला गया था. इलाके के निवासियों ने रॉयटर्स को बताया कि इजरायली हमला लगभग 10 मिनट तक चला. यह हमला अरबी प्रवक्ता कर्नल अविचाय अद्राई द्वारा नागरिकों को क्षेत्र खाली करने की चेतावनी देने के कुछ ही देर बाद हुआ.
यह भी पढ़ें: बमबारी, टूटी इमारतें और आंसू... इजरायल ने गाजा पर किया खतरनाक हमला, देखें PHOTOS
🎯STRUCK: A Houthi military infrastructure site at the Hudaydah Port in Yemen. The port is used for the transfer of weapons supplied by the Iranian regime, in order to execute attacks against Israel and its allies. The IDF continues to strike military targets in Yemen in… pic.twitter.com/Jec372Ez0O
कर्नल अद्राई ने पोर्ट पर लंगर डाले जहाजों को खाली करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि जो भी वहां रहेगा वह अपनी जान को खतरे में डालेगा. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने हमले पर टिप्पणी करते हुए बताया कि उनका उद्देश्य 'हूती आतंकवादी संगठन पर समुद्री और हवाई नाकेबंदी जारी रखना सुनिश्चित करना है'.
यह भी पढ़ें: कतर पर इजरायली हमले से परेशान हुआ अमेरिका? जल्दबाजी में करने जा रहा ये डील

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?









