
'बातचीत को तैयार हैं लेकिन पुश किया गया तो...', राजी तो हुआ ईरान लेकिन शर्त भी रखी
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान जल्दी बातचीत की टेबल पर आएगा और एक न्यायपूर्ण एवं संतुलित समझौते पर बातचीत करेगा. बिना किसी परमाणु हथियार के ऐसा समझौता जो सभी पक्षों के लिए बेहतर हो. समय तेजी से निकल रहा है और हालात निर्णायक मोड़ पर हैं.
दुनिया पर लगातार धौंस जमा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दे डाली है. ट्रंप ने ईरान को दो टूक कह दिया है कि या तो बातचीतकी टेबल पर आ जाओ या फिर भीषण हमले के लिए तैयार रहो. इस वॉर्निंग के बाद अब ईरान ने ट्रंप को सधा सा जवाब दे दिया है.
ईरान ने अमेरिका से साफ-साफ कह दिया है कि वह आपसी सम्मान और हितों के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है लेकिन अगर उस पर धौंस जमाई गई तो वह अपनी रक्षा करने से पीछे नहीं हटेगा और ऐसा जवाब देगा, जो पहले नहीं देखा गया होगा.
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को वॉर्निंग देते हुए कहा था कि ईरान की ओर एक विशाल नौसैनिक बेड़ा तेजी से बढ़ रहा है. यह बेड़ा पूरी ताकत, उत्साह और स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है. विशालकाय जहाज अब्रहाम लिंकन के नेतृत्व में यह बेड़ा उसे बेड़े से भी बड़ा है, जिसे वेनेजुएला की ओर भेजा गया था.
ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला की तरह ही यह बेड़ा भी पूरी तरह सक्षम है और जरूरत पड़ने पर अत्यंत तेजी और के साथ अपने मिशन को अंजाम देने में कोई संकोच नहीं करेगा.
इतना ही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने खामेनेई सरकार को चेताते हुए कहा था कि मैंने पहले भी ईरान से कहा था कि डील कर लो. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. नतीजा था ऑपरेशन मिडनाइट हैमर, जिसमें ईरान को भारी तबाही झेलनी पड़ी. अगला हमला इससे कहीं अधिक विनाशकारी होगा. ऐसा दोबारा होने मत दीजिए. इस गंभीर विषय पर आपके ध्यान के लिए धन्यवाद.

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