
हरिद्वार में धर्म संसद को लेकर पाकिस्तानी पीएम इमरान खान यूं भड़के
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इमरान खान ने हरिद्वार धर्म संसद को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने धर्म संसद पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मामले में दखल देने की अपील की है. इमरान खान ने मोदी को निशाना बनाते हुए कई ट्वीट किए हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को क्षेत्र की शांति के लिए वास्तविक खतरा बताया है. इमरान खान ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस क्षेत्र में 'शांति के लिए एक वास्तविक और वर्तमान खतरा' है. Under the extremist ideology of the BJP Modi govt, all religious minorities in India have been targeted with impunity by Hindutva groups. The extremist agenda of the Modi govt is a real and present threat to peace in our region. The continuing silence of Modi govt on the call at an extremist Hindutva summit in Dec for genocide of minorities in India, especially the 200 mn Muslim community, begs the question whether the BJP govt supports this call. It is high time international community took note & acted

दक्षिण लेबनान के टायर शहर से सामने आई ग्राउंड रिपोर्ट में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष का असर अब आम लोगों की रोजी-रोटी पर साफ दिखाई दे रहा है. यहां करीब 1500 मछुआरे पिछले दो हफ्तों से समुद्र में नहीं उतर पा रहे हैं, जिससे उनका काम पूरी तरह ठप हो गया है. तट पर खाली पड़ी नावें और जाल ठीक करते मछुआरे इस संकट की गवाही दे रहे हैं. मछली पकड़ना जो कभी उनकी जिंदगी और आजीविका का आधार था.

इजरायल दो-दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है. इधर ईरान अटैक कर रहा है तो उधर लेबनान से हिजबुल्लाह हमले कर रहा है. आज ईरान ने इजरायल के कई शहरों में एक साथ हमला बोला. इजरायल के काफर कसीम में क्लस्टर बम से हमला किया. हमला हमले के बाद काफर कसीम शहर में भारी नुकसान हुआ है. इधर हिज़्बुल्लाह ने क़ंतारा के पास एक इजरायली टैंक पर दूसरे हमले की जिम्मेदारी ली है. देखें एक और एक ग्यारह.

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और गहरा होता जा रहा है. जहां एक ओर युद्धविराम को लेकर बातचीत जारी है, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी और सैन्य दबाव तेज हो गया है. व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि वार्ता अभी डेड एंड पर नहीं पहुंची है, लेकिन हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर सकता है.

बांग्लादेश में यात्रियों से भरी बस नदी में गिर गई. हादसे में अब तक 23 लोगों की मौत हो गई है. 11 यात्रियों ने तैरकर अपनी जान बचा ली. बस में करीब 40 लोग सवार थे. हादसा राजबाड़ी जिले में दाउलादिया टर्मिनल पर तब हुआ जब बस फेरी पर चढ़ रही थी. इसी दौरान ड्राइवर का कंट्रोल छूट गया और बस सीधे नदी में जा गिरी.

आज महायुद्ध का 27वां दिन है. ट्रंप ने संकेत दिया था कि सीजफायर हो सकता है, लेकिन ईरान ने कहा हमें तो कुछ पता ही नहीं है, किससे बात चीत हो रही है ट्रंप की? तो 27वें दिन भी लड़ाई रुकी नहीं है. ईरान दावे कर रहा है हम अमेरिका को सबक सिखा रहे हैं. उधऱ अमेरिका कह रहा है कि रुक जाओ नहीं तो कहीं के नहीं बचोगे. देखें बुलेटिन.

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग अब चौथे हफ्ते में पहुंच गई है. लड़ाई कम होने के कोई साफ संकेत नहीं दिख रहे हैं और हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. लगातार नए हमले, बढ़ते हताहत और तीखी बयानबाजी से पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है. दुनियाभर की नजर रणनीतिक रूप से बेहद अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पर बनी हुई है. कई देशों ने इस रास्ते से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है.

अमेरिका ने यूक्रेन-रूस युद्ध को समाप्त करने के लिए डोनबास क्षेत्र को रूस को सौंपने और बदले में यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा गारंटी देने का प्रस्ताव रखा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि डोनबास छोड़ने से न केवल यूक्रेन की सुरक्षा कमजोर होगी, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा.

आज महायुद्ध का 27वां दिन है और 27वें दिन भी लड़ाई रुकी नहीं है. हमले जारी हैं. युद्ध की वज से तेल अवीव में के अस्पताल भरे पड़े हैं. आजतक की टीम तेल अवीव के एक अस्पताल पहुंची.यहां अस्पताल की पार्किंग में मरीजों का उपचार जारी है. जहां दिखाया गया कि हमलों में जख्मी लोगों का कैसे इलाज हो रहा है. देखिए रिपोर्ट.

अमेरिकी प्रशासन वर्तमान में सैन्य विजय और कूटनीतिक निकास के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहा है. राष्ट्रपति का लक्ष्य आगामी चुनावों और आर्थिक स्थिरता हेतु संघर्ष को सीमित करना है, जबकि रक्षा विभाग 'अधिकतर दबाव' की नीति पर अड़ा है. इस द्वंद्व के बीच वैश्विक तेल बाजार की नजरें होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हैं.




