
हरिद्वार में धर्म संसद को लेकर पाकिस्तानी पीएम इमरान खान यूं भड़के
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इमरान खान ने हरिद्वार धर्म संसद को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने धर्म संसद पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मामले में दखल देने की अपील की है. इमरान खान ने मोदी को निशाना बनाते हुए कई ट्वीट किए हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को क्षेत्र की शांति के लिए वास्तविक खतरा बताया है. इमरान खान ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस क्षेत्र में 'शांति के लिए एक वास्तविक और वर्तमान खतरा' है. Under the extremist ideology of the BJP Modi govt, all religious minorities in India have been targeted with impunity by Hindutva groups. The extremist agenda of the Modi govt is a real and present threat to peace in our region. The continuing silence of Modi govt on the call at an extremist Hindutva summit in Dec for genocide of minorities in India, especially the 200 mn Muslim community, begs the question whether the BJP govt supports this call. It is high time international community took note & acted

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

गुरु गोलवलकर मानते थे कि चीन स्वभाव से विस्तारवादी है और निकट भविष्य में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने की पूरी संभावना है. उन्होंने भारत सरकार को हमेशा याद दिलाया कि चीन से सतर्क रहने की जरूरत है. लेकिन गोलवलकर जब जब तिब्बत की याद दिलाते थे उन्हों 'उन्मादी' कह दिया जाता था. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

यूरोपीय संघ के राजदूतों ने रविवार यानि 18 जनवरी को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आपात बैठक की. यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद बुलाई गई. जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर कई यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही है. जर्मनी और फ्रांस सहित यूरोपीय संध के प्रमुख देशों ने ट्रंप की इस धमकी की कड़ी निंदा की है.

दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ रही है. अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय नीतियां विवादों में हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तुलना हिटलर की तानाशाही से की जा रही है. वेनेज़ुएला पर हमला करने और ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की धमकी के बाद अमेरिका ने यूरोप के आठ NATO देशों पर टैरिफ लगाया है.








