
'हमास जिंदा है और हमेशा जिंदा रहेगा...', सिनवार की मौत के बाद बोले खामेनेई
AajTak
खामेनेई ने कहा, "हमास जिंदा है और हमेशा जिंदा रहेगा." उन्होंने याह्या सिनवार की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें "वीर मुजाहिद" कहा और कहा, "याह्या सिनवार के लिए, जिन्होंने इस निर्दयी दुश्मन के खिलाफ लड़ाई में अपना जीवन समर्पित किया, शहादत से कम कुछ भी अपमानजनक होगा."
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शनिवार को कहा कि हमास नेता याह्या सिनवार की मौत "प्रतिरोध" को रोक नहीं पाएगी और हमास आगे भी जिंदा रहेगा. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, खामेनेई ने एक बयान में कहा, "उनका नुकसान निश्चित रूप से प्रतिरोध के लिए दुखद है, लेकिन इस मोर्चे ने प्रमुख व्यक्तियों की शहादत के साथ आगे बढ़ना बंद नहीं किया है."
खामेनेई ने कहा, "हमास जिंदा है और हमेशा जिंदा रहेगा." उन्होंने याह्या सिनवार की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें "वीर मुजाहिद" कहा और कहा, "याह्या सिनवार के लिए, जिन्होंने इस निर्दयी दुश्मन के खिलाफ लड़ाई में अपना जीवन समर्पित किया, शहादत से कम कुछ भी अपमानजनक होगा."
उन्होंने यह भी कहा कि वह "ईमानदार फिलिस्तीनी मुजाहिदों और लड़ाकों" के साथ खड़े रहेंगे. इस महीने की शुरुआत में, पांच साल में अपने पहले शुक्रवार के उपदेश में, 85 वर्षीय ईरानी नेता ने चेतावनी दी थी कि इजरायल "अधिक समय तक नहीं टिकेगा."
हमास नेता याह्या सिनवार, शुक्रवार को मारा गया. सिनवार ने ही बीते साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमले का आदेश दिया था. इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने 17 अक्टूबर को सिनवार की मौत की घोषणा की. वह इजरायल के हिट लिस्ट में से एक था.
इजरायल ने एक ड्रोन फुटेज जारी किया जिसमें याह्या सिनवार के अंतिम क्षण दिखाए दे रहे हैं. वीडियो में उसे कुर्सी पर झुका हुआ दिखाया गया, उसके हाथ से खून बह रहा था. जैसे ही ड्रोन मंडराता हुआ सिनवार के करीब पहुंचता है, तब वीडियो में दिख रहा है कि सिनवार ने ड्रोन की ओर लकड़ी की एक छड़ी फेंकी. इसके तुरंत बाद, एक टैंक शेल इमारत पर दागा गया, और बाद में वहां से सिनवार का शव बरामद हुआ.
हमास ने अपने नेता याह्या सिनवार की मौत की पुष्टि की और कहा कि वह 7 अक्टूबर को जब्त किए गए बंधकों को तब तक रिहा नहीं करेगा जब तक गाजा में आक्रामकता समाप्त नहीं हो जाती. 7 अक्टूबर को हुए हमले में 1,200 इजरायली मारे गए थे. यह हमला यहूदी राज्य पर सबसे घातक आतंकवादी हमला था और इसने मिडिल ईस्ट को अराजकता में धकेल दिया. याह्या सिनवार, को कई वर्षों तक इजराइल द्वारा जेल में रखा गया था. सिनवार ने 6 अगस्त को पूर्व राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हनीयेह के निधन के बाद नेतृत्व ग्रहण किया था.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.





