
सीटों पर मनमानी, गठबंधन धर्म पर सवाल... बिहार से महाराष्ट्र तक INDIA ब्लॉक में ठीक नहीं सबकुछ?
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2024 लोकसभा चुनाव के लिए दूसरे दौर का नामांकन शुरू हो गया है. लेकिन, विपक्ष में सीटों की जंग नहीं थम रही है. बिहार में महागठबंधन में कुछ ठीक नहीं दिख रहा है. सीट शेयरिंग पर अब तक ऐलान नहीं हुआ है. पूर्णिया सीट पर जंग तेज हो गई है. आरजेडी ने बिना ऐलान ही पूर्णिया से उम्मीदवार उतार दिया है.
लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक में सहमति नहीं बन पा रही है और रोज टकराव की खबरें आ रही हैं. पहले पश्चिम बंगाल में बात बिगड़ी, फिर पंजाब में भी अलायंस टूटा और अब महाराष्ट्र में भी सीट शेयरिंग पर पेंच नहीं सुलझ पा रहा है. बिहार में भी अंदरखाने नाराजगी का माहौल बन रहा है. बुधवार को महाराष्ट्र और बिहार में ऐसे दो बड़े राजनीतिक घटनाक्रम हुए, जिससे अलायंस में सब कुछ ठीक नहीं होने के कयासों को बल मिला है. पहले चरण में महाराष्ट्र की पांच और बिहार की चार सीटों पर चुनाव होने हैं. जानिए सहयोगी दलों में टकराव के सात पॉइंट....
1. बिहार में महागठबंधन में पेच क्या?
बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट को लेकर महागठंबधन में तनाव हो गया है. राजद ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं. इनमें कई सीटें ऐसी हैं, जिन पर कांग्रेस की नजर है. यानी वहां कांग्रेस नेता दावेदारी कर रहे हैं. बिहार में औरंगाबाद, बेगूसराय, कटिहार, सिवान और पूर्णिया सीटों को लेकर इंडिया ब्लॉक में पेच फंसा है. आरजेडी ने अलांयस की सहमति के बिना ही पूर्णिया से भी उम्मीदवार उतार दिया है. औरंगाबाद सीट पर कांग्रेस और राजद में खींचतान है. यहां कांग्रेस दावेदारी कर रही है. जबकि आरजेडी ने वहां से अभय कुशवाहा को उम्मीदवार घोषित कर दिया है.
2. पूर्णिया सीट पर पप्पू यादव की दावेदारी, राजद को मंजूर नहीं?
दरअसल, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पूर्णिया सीट पर लंबे समय से दावेदारी कर रहे हैं. वे लगातार वहां एक्टिव हैं और लोगों से मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने जनसभाएं भी की हैं. 8 दिन पहले पप्पू यादव ने कांग्रेस जॉइन की है और अपनी पार्टी JAP (जन अधिकार पार्टी) का विलय किया है. खबर है कि पप्पू यादव कांग्रेस में इसी शर्त पर गए हैं कि उन्हें इंडिया ब्लॉक से उम्मीदवार बनाया जाएगा. इतना ही नहीं, कांग्रेस में शामिल होने से पहले पप्पू किसी तरह का रिस्क लेने के मूड में नहीं थे. यही वजह है कि दिल्ली जाने से पहले उन्होंने पटना में राजद प्रमुख लालू यादव से मुलाकात की. वहां तेजस्वी भी साथ बैठे. बैठक के बाद पप्पू यादव ने संदेश दिया कि लालू से उनके पारिवारिक रिश्ते हैं और सीमांचल-मिथिलांचल में एनडीए को हराने के लिए रणनीति पर चर्चा की है. पप्पू यह बताना भी नहीं भूले कि वो पूर्णिया से अपनी दावेदारी कर रहे हैं. पप्पू तीन बार पूर्णिया से सांसद चुने गए हैं. हालांकि, राजद भी पूर्णिया सीट पर मजबूत उम्मीदवार की तलाश कर रही थी.
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