
सीजफायर पर कांग्रेस ने वही सवाल दागे जो सोशल मीडिया से उठे, क्या पीएम मोदी ने उनका जवाब दिया?
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पहलगाम टेरर अटैक के बाद हर कदम पर सरकार के साथ रहने की बात करने वाली कांग्रेस सीजफायर के बाद हमलावर हो गई है. राहुल गांधी से लेकर सुप्रिया श्रीनेत तक, सभी कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बारी बारी घेरने लगे हैं.
सीजफायर का कुछ लोगों ने जोरदार स्वागत भी किया. सोशल मीडिया पर भी ये देखने को मिला है. और, ऐसे लोगों में कांग्रेस नेता शशि थरूर भी शामिल हैं.
लेकिन सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग सीजफायर को हजम नहीं कर पा रहे थे. ऐसे लोगों के मन में एक ही सवाल था, जब सब ठीक ही चल रहा था तो किसी नतीजे तक पहुंचने से पहले सीजफायर की जरूरत क्या थी?
सबसे ज्यादा ताज्जुब लोगों को इस बात से हुआ कि सीजफायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की, और पूरा क्रेडिट भी ले लिया. अगर ये घोषणा भारत या पाकिस्तान की तरफ से हुई होती, तब भी सवाल उठते, लेकिन जिस तरीके से अभी उठ रहे हैं, वैसे तो बिल्कुल नहीं.
जब लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश का इंतजार कर रहे थे, तभी ऐन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बम फोड़ दिया. सीजफायर नहीं तो बिजनेस नहीं.
बहरहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने, इशारों में ही सही, डोनाल्ड ट्रंप के नये शिगूफे का जवाब भी दे दिया है, लेकिन ऐसे बोल देने भर से वो सवाल तो खत्म नहीं हो जाता कि क्या सीजफायर अमेरिकी दबाव में हुआ है?
ये सवाल इसलिए भी गहराने लगा है, क्योंकि भारत की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप के दावे को खारिज भी नहीं किया गया है.

रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने डोनाल्ड ट्रंप की खान-पान की आदतों को लेकर खुलासा करते हुए कहा, 'यात्रा के दौरान ट्रंप केवल फास्ट फूड पर निर्भर रहते हैं, जिसे उनके साथ चलने वाले लोग 'जहर' मानते हैं.' वहीं, ट्रंप अपनी सेहत और उम्र को लेकर उठ रहे सवालों के बीच खुद को फिट बताते हैं, जबकि वे खून पतला करने के लिए एस्पिरिन की भारी खुराक और हाथों के निशान छिपाने के लिए मेकअप का इस्तेमाल करते हैं.

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