
ईरान में बढ़ते विद्रोह के बीच ट्रंप की चेतावनी; देखें US से जुड़ी बड़ी खबरें
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ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारी खामनेई के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं. वे लगातार शाह शासन को लौटाने की मांग कर रहे हैं. कई प्रदर्शनकारी शाह के शासनकाल वाले राष्ट्रीय ध्वज को लहराते नजर आए हैं. इस बीच ईरान की सत्ता ने प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ सजा देने का सिलसिला शुरू करने की ठान ली है. जिसे लेकर ट्रंप ने चेतावनी दी है.

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना ने बहावलपुर में आतंकी संगठनों के साथ एक बड़ी गुप्त बैठक की. इस बैठक में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के 'सेकंड जेनरेशन' यानी अगली पीढ़ी के कमांडरों ने हिस्सा लिया. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद और मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ जैसे नए चेहरों को आतंकी नेटवर्क की कमान सौंपकर उन्हें भारी फंडिंग दी जा रही है.

रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने डोनाल्ड ट्रंप की खान-पान की आदतों को लेकर खुलासा करते हुए कहा, 'यात्रा के दौरान ट्रंप केवल फास्ट फूड पर निर्भर रहते हैं, जिसे उनके साथ चलने वाले लोग 'जहर' मानते हैं.' वहीं, ट्रंप अपनी सेहत और उम्र को लेकर उठ रहे सवालों के बीच खुद को फिट बताते हैं, जबकि वे खून पतला करने के लिए एस्पिरिन की भारी खुराक और हाथों के निशान छिपाने के लिए मेकअप का इस्तेमाल करते हैं.

ईरान में करीब 2000 प्रदर्शनकारियों के मौत का आंक़डा सामने आने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. वहीं ब्रिटिश विदेश मंत्री कूपर ने भी ईरानी राजदूत को लंदन के कार्यालय में तलब प्रदर्शनकारियों की मौत की निंदा की और उस पर सख्त प्रतिबंध लगाने की बात कही. देखें दुनिया आजतक.

थाईलैंड के सिखियो में एक बहुत ही गंभीर ट्रेन हादसा हुआ है. तेज रफ्तार से आ रही एक हाई-स्पीड पैसेंजर ट्रेन पर प्रोजेक्ट की क्रेन गिर गई, जिससे ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए. इस दुखद हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई और लगभग 80 लोग घायल हुए हैं जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है. हादसे के समय ट्रेन में करीब 200 लोग सवार थे.

ईरान में कयासों, अफवाहों और हिंसा का दौर चल रहा है. अब तक 2500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. लेकिन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की सरकार जरा भी नरमी नहीं दिखा रही है और ट्रंप को अभी भी हमले के खिलाफ धमकी दे रही है. इस बीच कई दिनों के बाद आज तेहरान में फोन लाइनें खोली गई है. इसके बाद वहां की जमीनी हालत की जानकारी लोगों को मिल रही है.

ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने ईरान से राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा करने की मांग की है. ट्रंप प्रशासन ने आठ प्रमुख राजनीतिक कैदियों के नामों का जिक्र करते हुए उनकी रिहाई पर जोर दिया है. ये राजनीतिक कैदी मानवाधिकार कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी भी शामिल हैं.

ईरान में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के चलते इरफान सुलतानी को गिरफ्तार किया गया था. 8 जनवरी को गिरफ्तारी के बाद 11 जनवरी को मुकदमे में वह मोहरेबेह दोषी पाए गए. मोहरेबेह का अर्थ है भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना. इस मुकदमे में उन्हें कोई कानूनी सहायता नहीं मिली और परिवार को केवल 10 मिनट की आखिरी मुलाकात की अनुमति दी गई. इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की सरकार को चेतावनी दी है कि अगर वे प्रदर्शनकारियों को फांसी देंगे तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा.






