
वो साइकोपैथ नर्स, जो देखभाल के बहाने करती थी बच्चों की हत्या, नदी में लाशें मिलने से खुला राज
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श्रद्धा मर्डर केस के आरोपी ने युवती के ढेरों टुकड़े कर उन्हें यहां-वहां फेंक दिया. ये अकेला मामला नहीं. कभी सूटकेस में लाश मिलती है, कभी जला हुआ चेहरा. ज्यादातर केस में पुरुष ही दोषी होते हैं. सिहराने वाले जुर्म करते psychopath. हॉलीवुड फिल्में भी ऐसे पुरुषों से भरी हैं. लेकिन महिलाएं भी साइकोपैथ होती हैं. वे भी उतने ही ठंडे दिमाग से क्राइम करती हैं.
नीरो के दौर में रोम के शाही खानदान का इलाज करने वाली लॉकस्टा को दुनिया का पहला सीरियल किलर माना जाता है. इलाज के बहाने वो लोगों को मारती थी.
रोम के शासक को दी मौत
बेहद हसीन इस महिला को जड़ी-बूटियों की अच्छी-खासी जानकारी थी. इलाज करते हुए ही उसने ये भी सीख लिया कि कौन से पौधे की एक बूंद भी इंसान को तुरंत मार सकती है, या फिर धीरे-धीरे ऐसे मारेगी कि किसी को भनक नहीं लगेगी. मारे जाने वालों में पहला शख्स क्लाउडिअस था- रोम का राजा. पिता के बाद गद्दी पर बैठे नीरो ने लगभग हर दुश्मन को मारने के लिए लॉकस्टा की मदद लेनी शुरू कर दी. इस तरह से हुआ एक सीरियल किलर का जन्म.
शौक के लिए जान लेने लगी
मामूली परिवार की लॉकस्टा राजसी लोगों में उठने-बैठने लगी. धीरे-धीरे वो महल के बाहर धनी व्यापारियों और मंत्री-संत्री के भी मामले देखने लगी. लॉकस्टा अमीर लेकिन कुख्यात होती चली गई. हद तब हुई, जब वो शौक-शौक में लोगों की जान लेने लगी. कई बार पौधों का जहर जांचने के लिए वो किसी को मार देती. बहुत बाद में रोम की सीनेट ने नीरो और लॉकस्टा के खिलाफ कार्रवाई की ठानी. ये 64 AD की बात है. नीरो ने खुद ही अपनी जान ले ली, लेकिन लॉकस्टा को बेहद क्रूर ढंग से मारा गया.
साल 1908 में बनी एक फिल्म ‘ह्यूमेनिटी थ्रू द एज़ेस में लॉकस्टा’ के बारे में बताया गया है कि कैसे अपने पागलपन में उसने सैकड़ों जानें ले लीं.

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