
वोट खरीदने का जुगाड़तंत्र
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कोरोना की वजह से उपजी आर्थिक तंगी में वोटरों को धनबल के जरिये साधने की कोशिश. इसको लेकर संवेदनशील 300 विधानसभा सीटों की सूची चुनाव आयोग ने बनाई है.
कोरोना संकट की वजह से उपजी आर्थिक तंगी के बीच चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी, वोटरों को धनबल के जरिए प्रभावित करने की कोशिश में लग गए हैं. पैसे देकर वोट पाने की जुगत में प्रत्याशी लगे हुए हैं इसकी भनक चुनाव आयोग को लगी है. इसे देखते हुए आयोग ने पांच राज्यों के लगभग 300 विधानसभाओं को धनबल के प्रयोग की सूची में डालते हुए, आर्थिक ऑब्जार्बरों की तैनाती की है. दक्षिण भारतीय राज्य पुद्दुचेरी के सभी 30 विधानसभा सीट को इस सूची में डाला गया है. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में माना है कि ‘कोरोना की वजह से बड़े पैमाने पर लोगों की माली हालात पर असर पड़ा है. खासकर गरीब तबके के लोगों पर ज्यादा ही असर पड़ा है. तमिलनाडु और पुद्दुचेरी जैसे राज्यों में श्रमिकों की आमदनी काफी घट गई है और छोटे-मोटे कारोबार अभी तक पटरी पर नहीं लौट सके हैं. ऐसे लोग चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के टारगेट पर हैं.’ सूत्रों का कहना है कि पांच राज्यों में लगभग 300 विधानसभा सीट ऐसी हैं जहां से यह सूचना मिल रही है कि राजनीतिक दल और निर्दलीय प्रत्याशी लोगों के घर वोट मांगने पहुंच रहे हैं और साथ ही उन्हे आर्थिक मदद करने की पेशकश भी कर रहे हैं. कई जगहों से यह सूचना भी है कि लोगों को पैसे बांटे जा रहे हैं.
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