
इस देश में स्ट्रीटलाइट का रंग क्यों कर दिया गया लाल? वजह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे
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डेनमार्क को मानवीय मूल्यों के मामले में एक आदर्श देश माना जाता है. हाल ही में सामने आई एक खबर ने दिखाया कि यह देश सिर्फ इंसानों ही नहीं, बल्कि चमगादड़ों जैसे जीवों का भी उतना ही ख्याल रखता है.
डेनमार्क इन दिनों एक बेहद अनोखे प्रयोग को लेकर चर्चा में है. राजधानी कोपेनहेगन के पास ग्लाडसैक्से नामक इलाके में पारंपरिक सफेद स्ट्रीटलाइट्स की जगह लाल रोशनी वाले लैंप लगाए जा रहे हैं. पहली नजर में यह बदलाव छोटा लगता है, लेकिन इसके पीछे की वजह किसी को भी चौंका सकती है.यह रोशनी इंसानों के लिए नहीं, बल्कि चमगादड़ों के लिए बदली गई है.
ग्लाडसैक्से नगरपालिका के अनुसार, फ्रेडरिक्सबोर्गवेय क्षेत्र में चमगादड़ों की एक स्थायी कॉलोनी रहती है. इस इलाके में कृत्रिम रोशनी चमगादड़ों के उड़ने, खाने और रास्ता पहचानने में बाधा डालती थी. इसलिए सड़क की विशेष पट्टियों पर सफेद लाइट हटाकर लाल रंग की रोशनी लगाई गई है.
लाल प्रकाश की तरंगें लंबी होती हैं और शोध के अनुसार यह चमगादड़ों पर सबसे कम नकारात्मक प्रभाव डालती हैं. जबकि नीली, हरी या सफेद रोशनी उनके व्यवहार को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है.
जहां चमगादड़ रहते हैं, वहीं बदली गई स्ट्रीटलाइटें
अधिकारियों ने माना कि इलाके को पूरी तरह अंधेरा करना चमगादड़ों के लिए आदर्श होता, लेकिन सड़क सुरक्षा के कारण यह संभव नहीं था. ऐसे में 'कम नुकसान' वाला विकल्प लाल रोशनी ही बचा.
ट्रैफिक सुरक्षा भी बनी प्राथमिकता

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