
राजस्थानः मेवाड़ यूनिवर्सिटी में जम्मू-कश्मीर के 30 स्टूडेंट्स से 'धोखाधड़ी', इंसाफ़ मांगने पर सस्पेंड
BBC
राजस्थान की ऐतिहासिक नगरी चित्तौड़गढ़ के गंगरार में मेवाड़ यूनिवर्सिटी एक नए विवाद में घिर गई है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बीएससी नर्सिंग के जम्मू-कश्मीर के 30 स्टूडेंट्स समेत कुल 33 स्टूडेंट्स को सस्पेंड कर दिया है.
राजस्थान की ऐतिहासिक नगरी चित्तौड़गढ़ के गंगरार में मेवाड़ यूनिवर्सिटी एक नए विवाद में घिर गई है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बीएससी नर्सिंग के जम्मू-कश्मीर के 30 स्टूडेंट्स समेत 33 स्टूडेंट्स को सस्पेंड कर दिया है.
ख़ास बात यह है कि जम्मू-कश्मीर के ये स्टूडेंट्स भारतीय सेना की सद्भावना योजना के तहत राजस्थान पढ़ने आए थे और अब इनका चार साल का कोर्स पूरा होने को है. तय कार्यक्रम के अनुसार इन्हें प्रेक्टिकल के लिए अप्रैल में जम्मू-कश्मीर जाना था लेकिन अब कुछ भी साफ़ नहीं है.
दरअसल इनके बैच की डिग्री को राजस्थान नर्सिंग काउंसिल की मान्यता ही नहीं मिली है. इसके लिए ये छात्र-छात्राएं पिछले तीन साल से प्रदर्शन कर रहे हैं और यूनिवर्सिटी इन्हें या तो आश्वासन दे रही है या सस्पेंड कर रही है.
सोलह फरवरी को स्टूडेंट्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर पहुंच कर उपमुख्यमंत्री डॉक्टर प्रेम चंद बैरवा और राजस्थान नर्सिंग काउंसिल (आरएनसी) की रजिस्ट्रार जोईस कुरियन से भी मुलाक़ात की थी. हालांकि, एक कश्मीरी छात्र आदिल ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "हमें जयपुर से भी निराशा ही मिली है. यूनिवर्सिटी की ग़लती की सज़ा हम भुगत रहे हैं और कोई सुनवाई नहीं हो रही है."
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इस मामले में सरकार का पक्ष जानने के लिए बीबीसी हिन्दी ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, प्रिंसिपल सेक्रेट्री गायत्री राठौड़, राजस्थान नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार जोईस कुरियन का पक्ष जानने की कोशिश की. लेकिन, ख़बर लिखे जाने तक पक्ष नहीं मिल सका है.













