
'मेरे पिता ने मेरे पति को मारा और मुझे ज़िंदा लाश बनाकर छोड़ दिया'
BBC
तनुप्रिया बताती हैं कि बीते साल 27 मार्च को वह अपने घर बनगांव गईं तो परिवार वालों ने उनको प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. बीबीसी की ग्राउंड रिपोर्ट
दोपहर के 11 बज रहे थे. मैं सुपौल के पिपरा प्रखंड के तुलापट्टी गांव पहुंची थी. गुनगुनी धूप निकली थी और लोग अपने घरों के बाहर बैठे उसका मज़ा ले रहे थे.
लेकिन तुलापट्टी में ही एक छोटे से अंधेरे कमरे में एक 20 साल की लड़की कंबल में सिमटी सोने की कोशिश कर रही थी. उसके ससुर उसको पुकारते हैं, "तनु बेटा, तुमसे कोई मिलने आया है."
दो-तीन बार पुकारने पर वह कंबल हटाती हैं. उनकी आंखों में आंसू हैं और हाथ में टैब जिस पर उनके पुराने ख़ुशनुमा दिनों का वीडियो चल रहा है.
यह तनुप्रिया हैं, जिनके पति राहुल की गोली मारकर हत्या करने का आरोप उनके अपने पिता पर है.
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वह एक दुबली पतली लड़की हैं, जिनकी बड़ी-बड़ी आंखें उनके जीवन में मौजूदा पीड़ा की गवाही देती हैं. वह सुबह जल्दी नहीं उठना चाहतीं. वह देर तक सोना चाहती हैं ताकि ज़िंदगी का एक और दिन किसी तरह से गुज़र जाए.
तनुप्रिया की कहानी भारत में एक लड़की के ख़ुद के जीवन से जुड़े फ़ैसले लेने, जातीयता की जकड़न और पितृसत्ता की पकड़ में उलझे समाज की कहानी कहती है.













