
बांग्लादेश में तारिक़ रहमान का पीएम बनना भारत के लिए सबसे अच्छा विकल्प क्यों माना जा रहा है?
BBC
बांग्लादेश में बीएनपी की जब भी सरकार रही है तो भारत के साथ संबंधों में बहुत भरोसा देखने को नहीं मिला है. इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तारिक़ रहमान को लेकर इतने सकारात्मक क्यों दिख रहे हैं?
बांग्लादेश में हुए बीते चार आम चुनावों में परिणाम घोषित होने के बाद जीतने वाले दल को बधाई देने के मामले में भारतीय प्रधानमंत्री बाक़ी विदेशी नेताओं से आगे रहे हैं.
फिर चाहे नई दिल्ली में मनमोहन सिंह सत्ता में रहे हों या नरेंद्र मोदी यह सिलसिला बिना किसी अपवाद के कायम रहा है.
13 फ़रवरी की सुबह इस परंपरा का एक बार फिर पालन किया गया. लेकिन इस बार बांग्लादेश में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदल चुके हैं.
बांग्लादेश के भावी प्रधानमंत्री का नाम बदल चुका था. लगातार चार चुनावी जीत के बाद शेख़ हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग ने इस बार चुनाव में हिस्सा ही नहीं लिया.
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13 फ़रवरी की सुबह 9 बजे के क़रीब पीएम नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को चुनाव में बढ़त मिलने के बाद बधाई देते हुए एक पोस्ट किया.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह जीत बांग्लादेश की जनता के आपके नेतृत्व पर जताए गए भरोसे को दिखाती है."













