
ये कैसी तटस्थता? हर बार सरकार के समर्थन में क्यों खड़ी हो जाती है BJD
AajTak
ओडिशा की सत्ताधारी बीजू जनता दल एक तरफ तो खुद को तटस्थ बताती है लेकिन दूसरी तरफ हर अहम मौके पर एनडीए सरकार के समर्थन में खड़ी हो जाती है. क्यों?
ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) फिर से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के समर्थन में आ गई है. सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी गठबंधन से दूरी बनाए रखने वाली बीजेडी खुद को तटस्थ बताती है. बीजेडी के पक्ष-विपक्ष से समान दूरी बनाए रखने के दावे किए जाते हैं. लेकिन हर अहम मौके पर जब एनडीए की सरकार को किसी दूसरे दल के समर्थन की बहुत जरूरत होती है, बीजेडी आगे आती है.
ये भी पढ़ें- मोदी या केजरीवाल... दिल्ली के बिल पर INDIA और NDA से तटस्थ पार्टियां किसके साथ?
बीजेडी की इस तटस्थता को लेकर सवाल उठ रहे हैं. केंद्र सरकार को जब राज्यसभा से तीन तलाक से जुड़ा बिल पास कराने की जरूरत थी, तब भी बीजेडी ने सरकार के समर्थन में वोट किया. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की बात आई, तब भी बीजेडी सरकार के साथ खड़ी थी. बीजेडी ने नागरिकता संशोधन बिल का भी समर्थन किया था.
ये भी पढ़ें- दिल्ली सेवा बिल पर YSRCP और BJD ने किया सरकार का समर्थन, चिदंबरम ने पूछा- इसमें क्या अच्छा लगा?
अहम सवाल है कि बीजेडी की आखिर ये कैसी तटस्थता है जो हर बार पार्टी एनडीए सरकार के समर्थन में खड़ी हो जाती है? राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई ने इसे लेकर कहा कि बीजेडी नेता नवीन पटनायक की महत्वाकांक्षा केवल अपने राज्य की राजनीति तक सीमित है. उनका ध्यान केवल इस बात पर रहता है कि राज्य का फंड ना रुके जिससे विकास कार्य बाधित हों. यही वजह है कि वे हमेशा सत्ताधारी दल के करीब नजर आते हैं.
वहीं, राजनीतिक विश्लेषक अमिताभ तिवारी ने कहा कि बीजेडी अपनी स्थापना के समय से ही पार्टी बीजेपी के साथ रही है. बीजेपी को ओडिशा में जमीन तैयार करने के लिए सहारे की जरूरत थी और नवीन पटनायक को पिता की सियासी विरासत आगे बढ़ाने के लिए पार्टी. तब बीजेपी और नवीन पटनायक के बीच जो तालमेल बना, वही हमें मुश्किल मौकों पर एनडीए को बीजेडी के समर्थन के रूप में समय-समय पर नजर आता है. बीजेडी का जन्म ही कांग्रेस विरोध से हुआ है.

ग्रेटर नोएडा में कोहरे के कारण पानी से भरे बेसमेंट में गिरी कार हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मौके पर मौजूद डिलिवरी ब्वॉय ने रस्सी बांधकर पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की. लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका. नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत के बाद डिलिवरी ब्वॉय को क्यों धमका रही पुलिस?

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.







