
मिट्टी में मिले टेरर कैंप्स, कई एयरबेस तबाह और अपनी शर्तों पर सीजफायर... PAK के साथ संघर्ष में क्या रहा भारत का हासिल?
AajTak
भारत ने पाकिस्तान के सबसे खास नूरखान एयरबेस पर हमला किया है, इसे चकलाला एयरबेस भी कहते हैं. सेटेलाइट तस्वीरों में यहां हुई तबाही साफ देखी जा सकती है. इन तस्वीरों में हमले से पहले और हमले के बाद की तबाही साफ दिख रही है. 7 मई को जब भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी, तब पाकिस्तानी सेना ने चकलाला एयरबेस से ही भारतीय वायुसेना पर हमले किए थे.
आज देश के लोग ये भी जानना चाहते हैं कि भारत को इस छोटे से युद्ध में क्या हासिल हुआ. भारतीय सेना ने कई बार साफ शब्दों में कहा कि भारत युद्ध के पक्ष में नहीं है, ना ही भारतीय सेना की एयरस्ट्राइक किसी देश के खिलाफ थी. भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी सेंटर्स पर हमला किया था और ये हमला सटीक निशाने पर लगा था. इन हमलों में आतंकी और उनके आका मारे गए. भारतीय सेना का टारगेट आतंकी कैंप थे और पाकिस्तानी सेना भारत के हमलों को रोकने में पूरी तरह नाकाम हो गई.
मिट्टी में मिले आतंकियों के 9 ठिकाने
भारत ने आतंकियों के 9 ठिकानों पर हमला किया था जिसमें 4 पाकिस्तान में थे और 5 पीओके में. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बहावलपुर में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर को तबाह कर दिया. इस ठिकाने का नाम था 'मरकज़ सुभान अल्लाह'. पाकिस्तान के मुरीदके में मौजूद लश्कर के आतंकी हेडक्वार्टर मरकज़ तैय्यबा को भी तहस-नहस कर दिया गया. सियालकोट में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के सरजल और मेहमूना जोया आतंकी कैंप को भी बर्बाद कर दिया गया.
इसके अलावा पांच आतंकी ठिकाने Pok में थे, जिसमें मुजफ्फराबाद में लश्कर का सवाई नाला कैंप और जैश का सैयदना बिलाल कैंप तबाह कर दिया गया. कोटली में लश्कर का गुलपुर कैंप और अब्बास कैंप बर्बाद हो गया. इसके अलावा भिंबर में बरनाला आतंकी कैंप भी मिट्टी में मिला दिया गया.
भारतीय मिसाइलों ने ध्वस्त किए कई एयरबेस इस तरह से देखा जाए तो भारत ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद जिन आतंकी ठिकानों को टारगेट किया, उनको पूरी तरह से तबाह कर दिया गया. भारतीय सेना का असली मिशन इस तरह से पूरा हो गया था लेकिन पाकिस्तान इन हमलों के बाद चुप नहीं बैठने वाला था. हालांकि भारतीय सेना भी उनके हमले के लिए पहले से तैयार थी. पाकिस्तान के ड्रोन अटैक के बदले भारतीय सेना ने उनके 11 सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों से हमला किया. इसी हमले के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई. भारत ने पाकिस्तान के सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था और इनमें एयरबेस भी थे.

वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार करने के मामले में 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर सियासी विवाद बढ़ गया है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पुलिस कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताते हुए सवाल उठाए हैं. वायरल वीडियो के आधार पर केस दर्ज हुआ था. पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब देश में गहराने लगा है. गैस संकट देश में बढ़ने की आशंका है. देश में गैस की किल्लत देखी जा रही है. युद्ध की वजह से महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ गई है. मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच भारत में प्रीमियम पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी की गई है. प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.30 रुपये का इजाफा किया गया है. नॉर्मल पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

धुरंधर पार्ट 2 की.. जो सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है और लगातार नये रिकॉर्ड बना रही है.. लेकिन इसके साथ ही इस फिल्म में एक नया विवाद शुरू हो गया है.. धुरंधर पार्ट 1 में पाकिस्तान की साजिशों का पर्दाफाश हुआ था.. धुरंधर 2 में कुछ ऐसा है कि देश के विपक्ष को ये फिल्म पसंद नहीं आ रही है.. आरोप लग रहा है कि सरकार का एजेंडा सेट करने के लिए ये फिल्म बनी है.. हकीकत क्या है.

खाड़ी देश में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, जिसका सीधा असर तेल और गैस पर पड़ रहा है जिसकी चपेट में पूरी दुनिया आ रही है. इस बीच अमेरिका और इजरायल के हमले का जवाब देने के लिए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपना एक खास हथियार बना लिया है. इस समुद्री गलियारे पर नियंत्रण के जरिए ईरान ने दुनिया के व्यापार को प्रभावित किया है और अब ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलना शूरू कर दिया है. जिसने दुनिया भर के देशों की टेंशन बढ़ा दी है.

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध का आज 21वां दिन है, और दोनों ओर के लगातार हमलों के बीच जिस सवाल का जवाब दुनिया जानना चाहती है. वो ये है कि इस युद्ध का धुरंधर कौन है? ईरान के सरेंडर की ख्वाहिश पाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की ओर से कई सरप्राइज मिले हैं. चाहे, वो खाड़ी देशों के अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले हों, चाहे इजरायल और खाड़ी देशों के तेल-गैस के ठिकानों पर ईरान का पलटवार हो या अमेरिका के F-35 जैसे अत्याधुनिक विमानों को गंवाने से अमेरिका के लिए बढ़ रही युद्ध की कीमत हो.

राजधानी दिल्ली में मौसम का मिजाज बीते दो-तीन दिनों से बदला हुआ है और आज सुबह भी राजधानी दिल्ली में बारिश रुक-रुक कर हो रही है...सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं...ये बदलाव ऐसे समय पर आया है जब कुछ दिनों से गर्मी बढ़ने लगी थी और गर्मियों का मौसम आने वाला था..लेकिन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से मौसम में हुए बदलाव ने नजारा बिल्कुल बदल दिया है







