
मस्जिद में नमाज पढ़ रहे नमाजियों पर अंधाधुंध फायरिंग, 7 की मौत
AajTak
नाइजीरिया के एक मस्जिद में घुसकर हमलावरों ने नमाज पढ़ रहे लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिसमें सात नमाजियों की मौत हो गई. घटना उत्तर-पश्चिम कडुना राज्य में हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक भारी हथियारों से लैस हमलावरों के गिरोह ने पिछले तीन सालों में नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी इलाके में कई हमले किए हैं.
नाइजीरिया के एक मस्जिद में नमाज पढ़ रहे नमाजियों पर कुछ हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई है. घटना को लेकर स्थानीय पुलिस ने बताया कि शनिवार को उत्तर-पश्चिम कडुना राज्य में हथियारबंद लोगों के एक गिरोह द्वारा मस्जिद पर हमला किया गया. इस हमले में कम से कम सात नमाज़ी मारे गए.
कडुना पुलिस के प्रवक्ता मंसूर हारुना ने बताया कि ये हमला राज्य के इकारा के सुदूर साया गांव में शुक्रवार देर रात किया गया था. उस दौरान लोग नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए थे. हारुना ने कहा, 'हमले के दौरान घायल हुए दो अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.'
वहीं जिस गांव में यह हमला हुआ है वहां के एक निवासी हारुना इस्माइल ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि 'पांच लोगों को नमाज पढ़ते समय मस्जिद के अंदर गोली मार दी गई और अन्य दो को गांव के सामुदायिक भवन के भीतर गोली मारी गई.'
रिपोर्ट के मुताबिक भारी हथियारों से लैस हमलावरों के गिरोह ने पिछले तीन सालों में नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिम में कहर बरपाया है, हजारों लोगों का अपहरण किया है, सैकड़ों लोगों की हत्या की है और कुछ क्षेत्रों में सड़क मार्ग से यात्रा करना असुरक्षित बना दिया है.
इन हमलों ने नाइजीरिया के सुरक्षा बलों को परेशान कर दिया है. देश के सुरक्षाबल पूर्वोत्तर में 14 साल से चल रहे इस्लामी विद्रोह, मध्य क्षेत्र में हिंसक किसान-चरवाहों और सांप्रदायिक झड़पों और दक्षिण-पूर्व में एक अलगाववादी समूह द्वारा बढ़ते हमलों से निपटने में व्यस्त हैं.

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव के खिलाफ डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास तक मार्च भी शामिल रहा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव बढ़ाते हुए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है.








