
ममता बनर्जी ने किया चंडीपाठ, जानें क्या है इसका महत्व और सही प्रक्रिया
AajTak
चंडी का पाठ करना भक्तों के लिए बहुत शुभ माना गया है. यह राक्षस महिषासुर पर देवी की जीत की व्याख्या करता है. दुर्गा सप्तशती में अध्याय एक से तेरह तक तीन चरित्र विभाग हैं. इसमें कुल 700 श्लोक हैं.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम पहुंचीं और यहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया. इसके बाद ममता बनर्जी ने चंडी पाठ भी किया. चंडी पाठ को दुर्गा सप्तशती या दुर्गा-पाठ भी कहते हैं. चंडी का पाठ करना भक्तों के लिए बहुत शुभ माना गया है. यह राक्षस महिषासुर पर देवी की जीत की व्याख्या करता है. दुर्गा सप्तशती में अध्याय एक से तेरह तक तीन चरित्र विभाग हैं. इसमें कुल 700 श्लोक हैं. आइए आपको चंडी पाठ का महत्व और इसे करने का सही तरीका बताते हैं. चंडी पाठ का महत्व चंडी का पाठ या दुर्गा सप्तशती में कुछ ऐसे मंत्र हैं जिनके उच्चारण से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इन मंत्रों का उच्चारण कर जीवन की हर मुश्किल को दूर किया जा सकता है. भय और पापों का नाश, संकटों के निवारण, शुभ फलों की प्राप्ति, आरोग्य-सौभाग्य और सामूहिक कल्याण के लिए चंडी का पाठ किया जाता है.More Related News













