
मदरसों में शिक्षा पर सवाल! धर्म निरपेक्ष देश में धार्मिक शिक्षा की फंडिंग क्यों?
Zee News
HC Questions To UP Govt On Madrasas: दुनिया में सबसे ज्यादा 60 हजार मदरसे पाकिस्तान में हैं और इन्हीं मदरसों में तालिबान का कट्टर विचार जन्मा है.
नई दिल्ली: अब हम एक ऐसे मुद्दे पर आपसे बात करना चाहते हैं, जो संवेदनशील होने के साथ देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के स्वास्थ्य से भी जुड़ा है. इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार से मदरसों (Madrasas Funding) में दी जाने वाली धार्मिक शिक्षा पर कुछ सवालों के जवाब मांगे हैं. जैसे- क्या एक धर्मनिरपेक्ष राज्य धार्मिक शिक्षा देने वाले मदरसों को फंडिंग दे सकता है? क्या मदरसे धर्मनिरपेक्षता की भावना के अनुरूप हैं? क्या ये मदरसे सभी धर्मों में विश्वास के मौलिक अधिकार का पालन करते हैं? क्या मदरसों में लड़कियों को प्रवेश दिया जाता है? कोर्ट ने मदरसों में पढ़ाए जाने वाले Syllabus, शर्तें और खेलने के लिए मैदान की अनिवार्यता जैसे नियमों के पालन की भी जानकारी मांगी है. हाई कोर्ट ने ये सवाल यूपी सरकार से 19 अगस्त को पूछे थे लेकिन इस फैसले की कॉपी बुधवार को ही वेबसाइट पर अपलोड की गई है. और तब से ही इन सवालों पर जानकारी मांगने के लिए हमारे देश का एक खास वर्ग अदालत पर सांप्रदायिक होने के आरोप लगा रहा है. लेकिन आज आपको ये सोचना है कि धर्मनिरपेक्ष देश में धार्मिक शिक्षा देना सांप्रदायिक है या धर्मनिरपेक्षता को बचाना सांप्रदायिक है.More Related News
