
भूकंप के तेज झटकों से हिला दिल्ली-NCR, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में भी कांपी धरती
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दिल्ली-NCR, चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में झटके महसूस किए गए. जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी जमीन हिलने से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए.
दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में शुक्रवार देर शाम भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. इससे लोगों में दहशत फैल गई. दिल्ली-NCR, चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में झटके महसूस किए गए. जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी जमीन हिलने से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए.
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, पुंछ और कश्मीर घाटी के कई इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. झटके कुछ सेकंड तक रहे, लेकिन उनकी तीव्रता इतनी थी कि लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे.
दिल्ली-NCR में कई ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने झटकों को साफ महसूस किया. दफ्तरों और घरों में बैठे लोग तुरंत बाहर निकल आए. कुछ जगहों पर लोग पार्क और खुले मैदानों में इकट्ठा हो गए.
फिलहाल, किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें.
भूकंप के झटकों के बाद लोग सोशल मीडिया पर भी अपने अनुभव साझा करते नजर आए. कई लोगों ने बताया कि उन्हें अचानक पंखे और फर्नीचर हिलते हुए महसूस हुए. फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं.
बता दें कि धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं. रगड़ती हैं. एकदूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं. रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपीसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है.

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