
दतिया से दिल्ली तक सियासी भूकंप! विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता जाते ही बदला राज्यसभा का गणित, MP कांग्रेस को दोहरी मार
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MP Rajya Sabha Election 2026 equation: मध्य प्रदेश की सियासत में दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होना सिर्फ एक सीट का खाली होना नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए राज्यसभा चुनाव 2026 के समीकरणों को पूरी तरह उलझा देने वाला 'पॉलिटिकल शॉक' है. दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले के बाद मचे इस घमासान ने सदन के भीतर नंबर गेम की नई बहस छेड़ दी है.
मध्यप्रदेश की राजनीति में दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होना सिर्फ एक सीट का खाली होना नहीं है बल्कि यह आगामी राज्यसभा चुनाव का पूरी अंकगणित बदल देने वाला घटनाक्रम साबित हो सकता है. ऐसे समय में जब राज्यसभा की हर एक वोट निर्णायक होती है, कांग्रेस के लिए यह झटका दोहरी मार बनकर सामने आया है.
अदालत का फैसला और तत्काल अयोग्यता दरअसल, दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बैंक फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई. इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने सुप्रीम कोर्ट के 10 जुलाई 2013 के आदेश के पालन में संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8 के तहत उन्हें 2 अप्रैल 2026 से अयोग्य घोषित कर दिया. यानी सजा दो साल से अधिक होते ही सदस्यता स्वतः समाप्त.
कांग्रेस ने इसे 'संविधान खत्म करने वाला कदम' बताया, जबकि बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के तहत लिया गया निर्णय बता रही है. लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बाहर इस सीट के रिक्त होने का सीधा असर राज्यसभा की रणनीति पर पड़ने वाला है.
राज्यसभा चुनाव में क्यों भारी पड़ेगी यह सीट? राज्यसभा चुनाव में विधायकों की संख्या ही असली ताकत होती है. एक-एक वोट से सीटों का समीकरण तय होता है. दतिया सीट रिक्त होने से कांग्रेस का संख्या बल घट गया है, और यह उस वक्त हुआ है जब पार्टी पहले से ही दबाव में है.
दरअसल, कांग्रेस के लिए स्थिति और जटिल इसलिए हो गई जब सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने से वंचित कर दिया. यानी कांग्रेस के पास न सिर्फ एक सीट कम हुई, बल्कि एक और वोट प्रभावी रूप से कम हो गया.
राज्यसभा चुनाव से पहले बदला समीकरणमध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर जून में चुनाव प्रस्तावित है. ऐसे समय में दतिया सीट का रिक्त होना और मुकेश मल्होत्रा का वोट न डाल पाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. पार्टी के पास 65 विधायक थे, लेकिन मुकेश मल्होत्रा के मतदान से बाहर होने राजेंद्र भारती की सदस्यता जाने के बाद कांग्रेस के पास सदन में राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए 63 विधायक बचे हैं.

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