
35 शेड्स ऑफ ट्रंप! रणनीति या सिर्फ और सिर्फ अनिश्चितता? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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आज इस युद्ध का 35वां दिन है और ये 35 दिन राष्ट्रपति ट्रम्प के अलग अलग रूप दिखाते हैं, जिन्हें आप Thirty Five Shades of Trump भी कह सकते हैं इन Thirty Five Shades में राष्ट्रपति ट्रम्प का व्यक्तित्व दुनिया को कन्फ्यूज़ करता है. राष्ट्रपति ट्रम्प कभी खुद को शांति लाने वाला नेता बताते हैं, तो कभी युद्ध को और भड़काने वाली भाषा बोलते हैं. कभी वो अमेरिका को सुरक्षित बनाने की बात करते हैं तो कभी ऐसे फैसले लेते हैं जिनसे दुनिया अस्थिर होती दिखती है. उनकी राजनीति में एक पैटर्न साफ नजर आता है, बड़े दावे, कड़े शब्द, और अचानक फैसले लेकिन सवाल ये है कि क्या ये रणनीति है या ये सिर्फ और सिर्फ अनिश्चितता है?

क्या ईरान में पुुल का विनाश ट्रेलर है, महाविनाश की पिक्चर बाकी है ? ईरान के सबसे ऊंचे पुल, जिसे वहां B1 ब्रिज कहा जाता था, उस पर स्ट्राइक के बाद से हंगामा और बढ़ गया है. ट्रंप की धमकी है कि अभी तो सेना ने तबाही शुरू तक नहीं की है. उधर, ईरान ने पुल के बदले पुल का अल्टीमेटम दिया और अरब देशों के अहम पुल की हिट लिस्ट जारी कर दी है. ईरान को पाषाण युग में भेजे जाने के ट्रंप के बयान का भी ईरान ने पलटवार किया है. सवाल ये है कि 6 अप्रैल की ट्रंप की डेडलाइन से पहले ही ईरान के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले शुरू हो गए हैं?

आज का दंगल ईरान की जंग की बिगड़ती सूरत के बीच राहत तलाश रही दुनिया को लेकर है...जंग की सूरत ऐसे बिगड़ रही है कि अमेरिका ने अब सैन्य ठिकानों से अलग अस्पतालों -पुलों पर हमले शुरू कर दिये हैं...ईरान भी पलटवार की तैयारी में है... इस बीच पूरी दुनिया को इस जंग का जो खामियाजा उठाना पड़ रहा है...उससे छुटकारे की कोशिशें तेज हो गई हैं...संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC के मौजूदा अध्यक्ष बहरीन ने होर्मुज खोलने के लिए जो प्रस्ताव पेश किया है उस पर कल वोटिंग होनी है...प्रस्ताव पास होता है तो होर्मुज से सभी जहाजों की सुरक्षा निगरानी के बीच आवाजाही हो सकेगी.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच मची आर-पार की जंग की जद में अब कई देश आ चुके हैं. इसके नतीजतन तेल और गैस का संकट बढ़ चुका है. अब हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ा दी गईं हैं. इस बीच चंडीगढ़ में आजतक संवाददाता ने ये जानने की कोशिश की कि इस बढ़ोतरी से आम आदमी पर क्या असर पड़ रहा है. देखें रिपोर्ट.

सिद्धिपेट के मुस्त्याल गांव में एक युवक और युवती ने जातीय विरोध के कारण आत्महत्या कर ली. अनुमुला राकेश रेड्डी और थरिगोप्पुला हारिका ने प्रेम विवाह किया था, लेकिन राकेश के परिवार ने इसे स्वीकार नहीं किया. राकेश ने 28 मार्च को जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया और 30 मार्च को मौत हो गई. हारिका ने 2 अप्रैल को राकेश की मौत के बाद आत्महत्या कर ली.

MP Rajya Sabha Election 2026 equation: मध्य प्रदेश की सियासत में दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होना सिर्फ एक सीट का खाली होना नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए राज्यसभा चुनाव 2026 के समीकरणों को पूरी तरह उलझा देने वाला 'पॉलिटिकल शॉक' है. दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले के बाद मचे इस घमासान ने सदन के भीतर नंबर गेम की नई बहस छेड़ दी है.








