
भारत के पराक्रम के आगे झुक गया ड्रैगन, ऐसे काम आई शानदार रणनीति
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चट्टानी इरादों और भारतीय रणबांकुरों के शौर्य के आगे आखिरकार ड्रैगन को डरना ही पड़ा. वो जिस इरादे से पैंगोंग लेक और एलएसी की तरफ अपने कदम बढ़ा रहा था, वो इरादा छोड़ कर उसे अपने कदम पीछे खींचने ही पड़े.
बीते दस महीने से भारत और चीन के बीच सीमा पर जो विवाद बना हुआ था, उसके अब खत्म होने की उम्मीद नजर आने लगी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश को जानकारी दी है कि भारत और चीन दोनों की सेनाएं एलएसी पर अपनी-अपनी मौजूदा स्थिति से पीछे हटने को तैयार हो गई हैं. यानी चीन अब पैंगोंग लेक से पीछे हटने को राजी हो गया है. सवाल ये कि आखिर चीन इतनी आसानी से पीछे हटने को तैयार कैसे हो गया. आइए जानते हैं इस पूरे मामले की इनसाइड स्टोरी. चट्टानी इरादों और भारतीय रणबांकुरों के शौर्य के आगे आखिरकार ड्रैगन को डरना ही पड़ा. वो जिस इरादे से पैंगोंग लेक और एलएसी की तरफ अपने कदम बढ़ा रहा था, वो इरादा छोड़ कर उसे अपने कदम पीछे खींचने ही पड़े. और इस तरह करीब दस महीने से जारी भारत और चीन के बीच का सीमा विवाद अपने खात्मे की तरफ बढ़ चला है. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को संसद में ऐलान किया कि भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा विवाद को खत्म करने पर अब सहमत हो गए हैं और अब दोनों ही देशों की सेनाएं पैंगोंग लेक के नॉर्थ-साउथ इलाके से पीछे हट जाएंगी.
असम की राजधानी गुवाहाटी में आयोजित आजतक के कार्यक्रम 'पंचायत आजतक ' में खास मेहमानों की मौजूदगी रही. कार्यक्रम के सत्र 'मुसलमानों के मन में क्या है?' में खास तौर पर आमंत्रित थे- विधायक करीम उद्दीन बरभुइया, विधायक अमिनुल इस्लाम और विधायक शरमन अली. एंकर अंजना ओम कश्यप की क्या हुई उनसे खास बातचीत, जानने के लिए देखें ये वीडियो.

समंदर की लहरों पर चलने वाले भीमकाय और विशाल टैंकर सबका ध्यान खींचते हैं. इन टैंकरों पर में भले तेल ही दुनिया को गति प्रदान करते हैं. आजकल ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ऐसे ही टैंकरों को निशाना बना रहा है. क्या है इन टैंकरों की कहानी, कितना लोड लेकर चल सकते हैं? कैसे होता है इनका कंट्रोल. पढ़ें पूरी कहानी.

असम की राजधानी गुवाहाटी में आयोजित आजतक के कार्यक्रम 'पंचायत आजतक ' में खास मेहमानों की मौजूदगी रही. कार्यक्रम के सत्र 'असम बनेगा ग्लोबल हब' में खास तौर पर आमंत्रित थे- असम टूरिस्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के एमडी कुमार पद्मपानी बोरा और उद्यमी लार्सिंग मिंग साव्यान. एंकर अंजना ओम कश्यप की क्या हुई उनसे खास बातचीत, जानने के लिए देखें ये वीडियो.

हरदीप पुरी ने लोकसभा में कहा कि हमारे पास पर्याप्त कच्चा तेल है. डीजल-पेट्रोल और गैस सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है. एलएनजी कार्गो रोजाना आ रहे हैं. दूसरे मार्गों से भी सप्लाई आ रही है. सीएनजी की सप्लाई सौ फीसदी जारी है. कनाडा, नॉर्वे, रूस से हम ईंधन ले रहे हैं. एलपीजी का उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा है. अल्टरनेट फ्यूल चैनल्स को एक्टिवेट कर दिया गया है. रिटेलर्स के जरिये केरोसिन तेल भी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है. तीन मंत्रियों की कमेटी बनाई गई है, जो हालात पर नजर रखे हुए है. हम लंबे समय तक ऐसे हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. देश में पैनिक की वजह से डिमांड बढ़ी है. गैस को लेकर प्राथमिकताएं तय कर दी गई हैं. हरदीप पुरी की स्पीच के दौरान विपक्षी सदस्यों ने 'देखो-देखो कौन आया, एपस्टीन का दोस्त आया' के नारे लगाए.

असम की राजधानी गुवाहाटी में आयोजित आजतक के कार्यक्रम 'पंचायत आजतक ' में खास मेहमानों की मौजूदगी रही. कार्यक्रम के सत्र 'कानून के पहरेदार' में खास तौर पर आमंत्रित थे- असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह और असम के एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया. सत्र के मॉडरेटर कौशिक डेका की क्या हुई उनसे खास बातचीत, जानने के लिए देखें ये वीडियो.

लोकसभा में राहुल गांधी ने देश की वर्तमान स्थिति पर अपनी बात रखी. उन्होंने ईरान युद्ध का जिक्र करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने की चिंता जताई और एलपीजी संकट पर प्रकाश डाला. राहुल गांधी ने कहा कि इस स्थिति का सीधा असर छोटे व्यापारी और स्ट्रीट वेंडर्स पर पड़ा है. उन्होंने अमेरिका की आलोचना करते हुए पूछा कि हमें यह बताने का अधिकार किसे है कि हम तेल और गैस किससे खरीदेंगे. इसके अलावा उन्होंने संसद में एक मंत्री द्वारा एपस्टीन के दोस्त होने पर बयान देने पर हंगामा मचाने का भी उल्लेख किया.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने का उल्लेख किया. उन्होंने देश में एलपीजी संकट और इसके कारण स्ट्रीट वेंडर्स तथा छोटे व्यापारियों पर पड़ रहे प्रभाव पर गंभीर चिंता जताई. राहुल गांधी ने अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमें यह तय करने का अधिकार है कि हम किससे तेल और गैस खरीदेंगे. उन्होंने संसद में एक मंत्री द्वारा कही गई एपस्टीन दोस्त वाली टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिससे संसद में भारी हंगामा मच गया.






